दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही, फिलहाल सुधार के आसार नहीं

नई दिल्ली
राजधानी में शुक्रवार को एयर इंडेक्स में आंशिक सुधार हुआ। इससे हवा की गुणवत्ता पर खास असर नहीं पड़ा। दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली में अभी दो दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रह सकती है। इसलिए अभी वायु प्रदूषण से बहुत ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली में सुबह स्मॉग होने के कारण एयर इंडेक्स 288 था, लेकिन दोपहर में 14 से 16 किलोमीटर की प्रति घंटे से हवा चली। इस वजह से आसमान भी साफ रहा और गुनगुनी धूप भी निकली। इससे दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स 262 रहा जो खराब श्रेणी में है।

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कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब
एक दिन पहले दिल्ली का एयर इंडेक्स 288 था। इसके मुकाबले एयर इंडेक्स में 16 अंकों की गिरावट हुई। शाम पांच बजे दिल्ली के बवाना, जहांगीरपुरी, नेहरू नगर व पूसा में एयर इंडेक्स 300 से अधिक बेहद खराब श्रेणी में रही। बवाना व नेहरू नगर में एयर इंडेक्स सबसे अधिक 309 रहा।

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आइक्यूएयर ने दिल्ली का AQI 191 बताया
वहीं स्विस कंपनी के आइक्यूएयर ऐप ने दिल्ली का एयर इंडेक्स 191 बताया। सीपीसीबी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार एयर इंडेक्स 191 होने पर हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में मानी जाती है। आईआईटीएम पुणे के डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार इन दिनों दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन और फैक्ट्रियों के धुएं की भागीदारी अधिक बनी हुई है।

फैक्ट्रियों के धुएं की हिस्सेदारी 8.66 प्रतिशत
शुक्रवार को वायु में प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन की हिस्सेदारी 17.81 प्रतिशत और फैक्ट्रियों के धुएं की हिस्सेदारी 8.66 प्रतिशत रही। दिल्ली के वातावरण में पीएम-10 का अधिकतम स्तर 189.5 माइक्रोग्राम प्रति धन मीटर और पीएम-2.5 का अधिकतम स्तर 96.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। एनसीआर के प्रमुख शहरों में सिर्फ गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही। इस वजह से एनसीआर के शहरों में वायु प्रदूषण से अधिक राहत रही।

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