देश में पाम ऑयल इम्पोर्ट 14 साल के निचले स्तर पर, दिसंबर की तुलना में जनवरी में 45% गिरावट

नई दिल्ली
भारत में जनवरी में पाम तेल का आयात लगभग 14 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने बुधवार को बताया कि रिफाइनर सस्ते सोया तेल का रुख कर रहे हैं क्योंकि पाम तेल में रिफाइनिंग मार्जिन घाटे में है। रिफाइनिंग मार्जिन का मतलब है कि तेल को रिफाइन करने के बाद जो मुनाफ़ा मिलता है, वो कम हो गया है। भारत दुनिया में वेजिटेबल ऑयल का सबसे बड़ा खरीदार है। भारत के आयात में कमी मलेशियाई पाम तेल की कीमतों पर दबाव डाल सकता है जबकि अमेरिकी सोया तेल की कीमतों को बढ़ा सकता है।

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SEA के मुताबिक जनवरी में पाम तेल का आयात दिसंबर की तुलना में 45% घटकर 275,241 मीट्रिक टन रह गया। यह मार्च 2011 के बाद का सबसे निचला स्तर है। लगभग डेढ़ दशक में इतना कम आयात नहीं हुआ था। अक्टूबर 2024 में समाप्त हुए मार्केटिंग ईयर में भारत ने हर महीने औसतन 750,000 टन से ज्यादा पाम तेल आयात किया। आमतौर पर पाम तेल, सोया तेल और सूरजमुखी तेल से सस्ता होता है। लेकिन कम स्टॉक होने के कारण इसकी कीमतों में उछाल आई है। इसकी तुलना में दूसरे तेलों की सप्लाई अच्छी है।

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कहां से तेल मंगाता है भारत

जनवरी में सोया तेल का आयात 5.6% बढ़कर 444,026 टन हो गया, जो सात महीनों में सबसे ज्यादा है। वहीं, सूरजमुखी तेल का आयात 8.9% बढ़कर 288,284 टन हो गया। पाम तेल की कम शिपमेंट से जनवरी में भारत के कुल वेजिटेबल ऑयल इम्पोर्ट को 14.8% घटाकर 10 लाख टन कर दिया। यह 11 महीनों में सबसे कम है। SEA के अनुसार हाल के महीनों में खाद्य तेल के आयात में गिरावट के कारण फरवरी की शुरुआत में देश में वेजिटेबल ऑयल का स्टॉक घटकर 2.18 मिलियन टन रह गया, जो अप्रैल 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

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एडिबल ऑयल ट्रेडर GGN रिसर्च के मैनेजिंग पार्टनर राजेश पटेल ने कहा कि पाम तेल का आयात फरवरी में कुछ बढ़ सकता है, लेकिन सामान्य से कम रहेगा। उन्होंने कहा कि फरवरी में सोया तेल का आयात गिर सकता है और सूरजमुखी तेल थोड़ा बढ़ सकता है। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल खरीदता है जबकि अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से सोया तेल और सूरजमुखी तेल आयात करता है। देश में पाम ऑयल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कुछ साल पहले नेशनल पाम ऑयल मिशन को मंजूरी दी थी।

 

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