देवी-देवताओं या भारत माता के नाम पर शपथ नहीं, केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

तिरुवनंतपुरम केरल हाई कोर्ट ने शपथ को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने साफ कहा कि स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधि शपथ लेते समय कानून में तय शब्दों से बाहर नहीं जा सकते. यानी शपथ  ईश्वर के नाम पर ली जा सकती है या फिर बिना ईश्वर का नाम लिए सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा की जा सकती है. उसमें देवी-देवताओं, भारत माता, किसी संगठन, राजनीतिक शहीद या किसी व्यक्ति का नाम जोड़ना मान्य नहीं है. इसी आधार पर अदालत ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के कुछ पार्षदों की शपथ को…

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कौन हैं जस्टिस जे. निशा बानो? राष्ट्रपति ने केरल हाईकोर्ट जॉइन करने का दिया निर्देश, तय हुई अंतिम तारीख

केरल मद्रास हाईकोर्ट की जज जे. निशा बानो को केरल हाईकोर्ट में ट्रांसफर किए जाने के लगभग दो महीने बाद भी उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया है, जिसके बाद राष्ट्रपति ने उन्हें 20 दिसंबर, 2025 तक केरल हाईकोर्ट में पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि, राष्ट्रपति, भारत के चीफ जस्टिस से परामर्श करने के बाद मद्रास हाईकोर्ट की जज न्यायमूर्ति जे. निशा बानो को 20 दिसंबर 2025 को या उससे पहले केरल हाईकोर्ट में अपना पदभार ग्रहण करने का…

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‘महिला की शारीरिक संरचना पर टिप्पणी को उत्पीड़न माना जाएगा’, केरल हाईकोर्ट का फैसला

नई दिल्ली। केरल हाईकोर्ट ने महिलाओं की शारीरिक संरचना पर टिप्प्णी को यौन उत्पीड़न करार दिया है। केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ए बदरुद्दीन ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणी को यौन उत्पीड़न का अपराध मानते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए। केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) के एक पूर्व कर्मचारी पर उसी कार्यालय की एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाए थे। महिला ने कहा था कि आरोपी पूर्व कर्मचारी ने 2013 से उसके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद 2016-17 में आपत्तिजनक संदेश और…

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केरल हाईकोर्ट में जज साहब ने वकील को खूब सुनाया, हिंदू धर्म इतना कमजोर नहीं है

केरल धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हाथियों की परेड से जुड़े आवेदन को केरल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। दरअसल, CDM यानी कोचीन देवसोम बोर्ड ने मंदिर उत्सव के दौरान हाथियों के बीच 3 मीटर की दूरी रखने के आदेश से छूट की मांग की थी। अदालत का कहना है कि जानवरों की भलाई के लिए ये निर्देश जरूरी थे। मामले में जस्टिस एके जयशंकरन नाम्बियार और जस्टिस गोपीनाथ पी की बेंच सुनवाई कर रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रथाओं को संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए। CDB ने…

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