नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है जिसमें पेट्रोल पंपों पर बेचे जा रहे पेट्रोल में इथेनॉल के ब्लेंडिंग का प्रतिशत स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने और इसे पेट्रोल बिल व रसीद पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश की मांग की गई थी। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने याचिकाकर्ता एवं अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए संबंधित हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता प्रदान की है। उपभोक्ताओं के…
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, जोजरी नदी किनारे 100 मीटर निर्माण पर रोक
जयपुर राजस्थान में जल संकट और नदियों में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को जोजरी नदी प्रदूषण से जुड़े एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नदी के किनारों के संरक्षण के लिए अंतरिम आदेश जारी किया। जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण या विकास गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने पर्यावरण की…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: फांसी की जगह जहरीले इंजेक्शन की मांग खारिज, फिलहाल यही रहेगा तरीका
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने फांसी के ज़रिए मौत की सजा की जगह कम दर्दनाक तरीकों, जैसे कि जहरीला इंजेक्शन देने को अपनाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। फांसी देकर मौत की सजा देने के संवैधानिक आधार को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि फिलहाल देश में सजा-ए-मौत के लिए फांसी का तरीका ही जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने एक याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में मौत की सजा देने…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग तस्करी के सभी मामलों में लागू होगा POCSO Act
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बाल यौन शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि व्यावसायिक यौन शोषण के लिए किसी नाबालिग की तस्करी की जाती है, तो दोषियों पर कठोर 'पोक्सो एक्ट' के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। जस्टिस जे.बी. पार्डीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने एनजीओ 'प्रज्वला' की याचिका पर यह अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि बाल यौन शोषण का हर मामला कानूनन गैर-सहमति वाला ही माना जाएगा। सहमति का तर्क पूरी…
Read Moreपूरे NCR में ‘वन पुलिस सिस्टम’! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया बड़ा सुझाव
नई दिल्ली दिल्ली में अपराध किया और नोएडा भाग गए। गाजियाबाद में वारदात को अंजाम दिया और गुरुग्राम चले गए। फरीदाबाद में कानून की धज्जियां उड़ाकर दिल्ली चले गए। अलग-अलग राज्यों में बंटे एनसीआर में अपराधी अक्सर कानून के शिकंजे से बचने के लिए यह पैंतरा अपनाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को ऐसी व्यवस्था करने की सलाह दी जिससे एक ही एजेंसी दिल्ली और एनसीआर के राज्यों में बिना किसी रोक-टोक संगठित अपराध के खिलाफ ऐक्शन ले सके और दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद या गुरुग्राम की एक…
Read MoreSC का कड़ा सवाल: ऐसी कट्टर सोच वाला अफसर सेना में कैसे पहुँचा?
नई दिल्ली सशस्त्र बलों में धार्मिक आचरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय सेना से बर्खास्त किए गए ईसाई अफसर सैमुअल कमलेसन की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने उनके आचरण को घोर अनुशासनहीनता करार देते हुए कहा कि ऐसे कैंटैंकरस (झगड़ालू) व्यक्ति सेना में नहीं हो सकते। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा- यदि किसी सेना अधिकारी का यही रवैया होगा तो फिर क्या कहा जाए! यह घोर अनुशासनहीनता है। वह चाहे जितने भी अच्छे अधिकारी रहे हों,…
Read Moreपराली जलाने पर सख़्ती क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा सवाल
नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पराली जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि इस मामले में पराली जलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधान क्यों नहीं की जा रही है। सरकार कार्रवाई से कतरा क्यों रही है? कुछ लोगों को जेल भेजने से सही संदेश जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि हम किसानों का सम्मान करते हैं, क्योंकि वे हमें खाना देते हैं, लेकिन किसी को भी पर्यावरण को दूषित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला: लव जिहाद व धर्म परिवर्तन पर यूपी, उत्तराखंड समेत 4 राज्यों से मांगा जवाब
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानून पर यूपी-उत्तराखंड समेत 4 राज्यों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने इन कानूनों पर रोक लगाने वाली याचिका पर राज्यों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है. इस संबंध में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान को नोटिस जारी किया गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते में राज्यों को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. वहीं, अब अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों के जवाब…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट सख्त: सरकार मार्केट प्लेयर नहीं, आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों का शोषण गलत
नई दिल्ली सरकार संवैधानिक नियोक्ता है और वह आउटसोर्सिंग पर लोगों को नौकरी पर रखकर शोषण नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय तक एडहॉक पर रखने के बाद कर्मचारियों को नियमित रोजगार न देने और आर्थिक तंगी का हवाला देने पर यह बात कही। बेंच ने ऐतिहासिक निर्णय में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संस्थान वित्तीय तंगी या रिक्तियों की कमी जैसे बहाने बनाकर लंबे समय से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमितीकरण और वेतन में समानता से वंचित नहीं कर सकते। यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और…
Read MoreSC में राष्ट्रपति रेफरेंस पर सुनवाई, तमिलनाडु-केरल सरकार की चुनौती पर फैसला
नई दिल्ली राष्ट्रपति की ओर से सुप्रीम कोर्ट से राय मांगे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सवाल उठाया। अदालत ने केरल और तमिलनाडु सरकारों की अर्जी पर कहा कि यदि राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट से राय लेना चाहें तो इसमें गलत क्या है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के आर्टिकल 143 का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रेफरेंस दायर किया है। इसमें उन्होंने पूछा है कि क्या राज्यपालों और राष्ट्रपति को शीर्ष अदालत की ओर से आदेश दिया जा सकता है। इसी रेफरेंस का…
Read Moreहेमंत मालवीय को सुप्रीम कोर्ट से राहत, विवादित कार्टून मामले में गिरफ्तारी पर रोक
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस कार्यकर्ताओं के कथित आपत्तिजनक कार्टून सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोपी एक कार्टूनिस्ट के माफीनामे के बाद, गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने सोशल मीडिया पर बढ़ती आपत्तिजनक पोस्ट पर भी चिंता व्यक्त की और इस पर अंकुश लगाने के लिए न्यायिक आदेश पारित करने की आवश्यकता पर बल दिया। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने कहा, ‘लोग किसी को भी, कुछ भी कह देते हैं। हमें इस बारे में कुछ करना…
Read Moreसुप्रीम कोर्ट का फैसला, जीएसटी और सीमा शुल्क के मामलों में एफआईआर के बिना भी मिल सकती है अग्रिम जमानत
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि अग्रिम जमानत का प्रावधान जीएसटी और कस्टम कानूनों पर भी लागू होता है। यानी, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, तब भी वह अग्रिम जमानत के लिए अदालत जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने पिछले साल 16 मई को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाते हुए, सीजेआई संजीव खन्ना ने…
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