ईरान के दबाव से अमेरिका परेशान! हालात संभालने के लिए उठाने पड़े 10 बड़े कदम

ईरान
अमेरिका को भी अब इन हालातों में अपने सुरक्षाकर्मियों, राजदूतों और अन्य नागरिकों की चिंता सताने लगी है। उसने आनन-फानन में इजरायल, सऊदी अरब से लेकर बहरीन तक अपनी सुरक्षा के लिहाज से कुछ कदम उठाए हैं। कई देशों में दूतावास ही उसे बंद करने पड़े हैं। ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह खामेनेई मारे गए हैं। इजरायल और अमेरिका की ओर से तेहरान समेत ईरान के अलग-अलग शहरों में हमले किए जा रहे हैं। इसके बाद भी ईरान के हौसले गिरे नहीं हैं। उसने ताबड़तोड़ हमले अब भी जारी रखे हैं। इजरायल के अलावा ईरान की ओर से मिडल ईस्ट के देशों पर भी लगातार हमले किए जा रहे हैं। यही नहीं अमेरिका को भी अब इन हालातों में अपने सुरक्षाकर्मियों, राजदूतों और अन्य नागरिकों की चिंता सताने लगी है। उसने आनन-फानन में इजरायल, सऊदी अरब से लेकर बहरीन तक अपनी सुरक्षा के लिहाज से कुछ कदम उठाए हैं।

ये भी पढ़ें :  हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए गए 4 लोगों को गोली मारकर मौत की सजा दी, मृत्युदंड देना इस्लाम का हिस्सा

1. यरूशलम में स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को निईकालने में मदद पर हाथ खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे इजरायल के पर्यटन मंत्रालय की मदद से किसी भी तरह बाहर निकलें। दूतावास ने कहा कि फिलहाल हम स्थिति में नहीं हैं कि आप लोगों को बाहर निकाल सकें।

2. अमेरिकी कंपनी अमेजन के डेटा सेंटर को संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है। इस डेटा सेंटर पर ईरान के ड्रोन्स ने हमला किया। इसके चलते पूरे मिडल ईस्ट में अमेजन की क्लाउड सर्विस प्रभावित हुई है। बहरीन में भी अमेजन के एक फैसिलिटी सेंटर को ड्रोन अटैक से नुकसान पहुंचा है।

3. अमेरिका ने सऊदी अरब में अपनी कौंसुलर सर्विसेज को बंद कर दिया है। सोमवार को ही उसके एक दफ्तर पर हमला हुआ था। यह ड्रोन अटैक था और खामेनेई की हत्या के बाद किया गया था। इसी डर के चलते कनाडा ने भी फिलहाल सऊदी अरब में स्थित दूतावास को बंद कर दिया है।

ये भी पढ़ें :  इजरायल के गाजा पर हमले से 23 लाख नागरिक विस्थापित हुए

4. इराक में स्थित अपने दूतावास से अमेरिका ने सभी सरकारी कर्मचारियों से निकलने को कहा है। इसके अलावा ट्रैवल को लेकर भी एडवाइजरी जारी की गई है।

5. इस तनाव को देखते हुए कुवैत में भी अमेरिका अलर्ट है। उसने यहां अपने दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। ईरान के हमले के बाद यहां दूतावास से धुआं उठता देखा गया था। दूतावास के लिए सभी तरह के अपॉइंटमेंट्स भी कैंसिल कर दिए गए हैं।

6. ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी एयरबेस को भी टारगेट किया गया है। यहां पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन अटैक हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 20 ड्रोन्स और तीन मिसाइलों के जरिए यहां हमला किया गया था।

ये भी पढ़ें :  CG Breaking : मोहन मरकाम की छुट्टी, सांसद दीपक बैज बने नए पीसीसी अध्यक्ष, सीएम बघेल ने दी बधाई

7. दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई के सबसे अहम रूट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान ने बंद करने का ऐलान किया है। इससे अमेरिका के मित्र देशों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा, जो इस रास्ते के माध्यम से तेल सप्लाई करते हैं।

8. एक दिलचस्प घटना कुवैत में हुई है, जहां अमेरिका के तीन फाइटर जेट्स मार गिराए गए। गलती से कुवैत ने ही यह हमला कर दिया।

9. अमेरिका ने सभी मिडल ईस्ट देशों को लेकर एक साझा बयान जारी किया है। अपने नागरिकों से तत्काल निकलने को कहा है।

10. सबसे बड़ा झटका अमेरिका यह लगा है कि उसे उम्मीद थी कि खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान पर उसकी पिट्ठू सरकार होगी। वहां के स्थानीय लोग खुद ही सत्ता बदल की मांग करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।

 

Share

Leave a Comment