डाकघर में भरोसे का गबन: अनु डाकपाल ने उड़ाए 5 लाख, जांच शुरू

बांसवाड़ा

बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ कस्बे के उप डाकघर में नियुक्त रहे एक अनु डाकपाल ने 5 लाख रुपए की सरकारी राशि का गबन कर लिया। विभागीय पत्रावलियों के मिलान के दौरान सामने आई कमियों के बाद की गई जांच में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामले को लेकर सज्जनगढ़ थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

थानाधिकारी धनपतसिंह ने दी जानकारी
सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपतसिंह ने बताया कि बांसवाड़ा डाकघर उप मंडल के निरीक्षक सुरेश खरवड़ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, सज्जनगढ़ उप डाकघर में अनु डाकपाल मुकेश कुमार बैरवा 7 सितंबर 2024 से 27 मई 2025 तक कार्यरत रहा। वर्तमान में वह सहायक डाकपाल के रूप में डूंगरपुर प्रधान डाकघर में पदस्थ है। बैरवा ने सज्जनगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान बिना किसी देनदारी के नकद राशि रोकना शुरू कर दिया था। इस संदिग्ध कार्यप्रणाली को देखते हुए डूंगरपुर मंडल कार्यालय की ओर से जांच के आदेश दिए गए। इसके तहत 20 मई 2025 को सज्जनगढ़ उप डाकघर की अतिशेष राशि से संबंधित पत्रावलियों की जांच की गई।

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जांच में सामने आया कि निकासी भुगतान के वाउचर सरकारी हिसाब में दर्ज नहीं किए गए थे और न ही उनका फिनेकल (Finacle) प्रणाली में कोई इंद्राज किया गया था। अनु डाकपाल बैरवा की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाए जाने पर निरीक्षक सुरेश कुमार ने सहायक अधीक्षक बांसवाड़ा डाकघर का सहयोग लिया।
इसके बाद सहायक अधीक्षक धर्मसिंह मीणा ने संयुक्त रूप से जांच करते हुए संबंधित खाताधारकों से पूछताछ की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बैरवा ने बैंक निकासी का 47 नंबर वाउचर विभाग को नहीं भेजा था। 5 मई 2025 को बैंक से 5 लाख रुपए की निकासी की गई थी, जिसे सरकारी खाते में दर्ज नहीं किया गया।

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मामले की जानकारी मिलने पर बांसवाड़ा मुख्य डाकघर के डाकपाल मनमोहन सिंह मीणा ने अधीक्षक को रिपोर्ट सौंपी। इस पर अधीक्षक घेवरचंद ने सज्जनगढ़ उप डाकघर का निरीक्षण किया। पूछताछ के दौरान अनु डाकपाल बैरवा ने स्वीकार किया कि उसने 5 लाख रुपए की सरकारी राशि अपने घर पर रखी थी और उसे सरकारी हिसाब में दर्ज नहीं किया था।

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सरकारी राशि को अपने पास रखकर दुर्विनियोजन करने के मामले में विभाग ने ब्याज सहित राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू की और उक्त राशि को सरकारी खाते में जमा भी कराया गया। मामले में 5 लाख रुपए से अधिक की राशि के गबन को गंभीर मानते हुए डाक निदेशालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार सज्जनगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की ओर से पूरे मामले में अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।

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