3061 हेक्टेयर में फैले सिंहस्थ 2028 क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी का उपयोग किया जाएगा

उज्जैन

3061 हेक्टेयर में फैले सिंहस्थ 2028 क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) का उपयोग किया जाएगा। स्थानीय शासकीय अमले को प्रयागराज कुंभ भ्रमण के लिए भेजा जाएगा, ताकि वे जमीनी तौर पर हर एक चीज को समझें और सिंहस्थ में लागू करेंगे।

साथ ही प्रयागराज के कुंभ से जुड़े अनुभवी सरकारी विभागों के अफसरों को कुंभ के बाद यहां बुलाकर स्थानीय सरकारी अमले को ट्रेनिंग भी दिलवाएंगे। इससे उनके अनुभव का लाभ स्थानीय अमले को मिल सके।

कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत गत दिनों प्रयागराज कुंभ पहुंचकर वहां की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। प्रयागराज से लौटने के बाद कलेक्टर सिंह ने  चर्चा में बताया कि सिंहस्थ-2028 में भीड़ प्रबंधन के लिए एआई का उपयोग किया जाएगा।

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हेडकाउंट, ट्रैफिक अलर्ट और वाहनों की निगरानी एआई के जरिए करने से सभी विभागों के काम में सुविधा होगी। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रयागराज कुंभ के भ्रमण के लिए भेजा जाएगा, ताकि वे वहां की जा रही व्यवस्थाओं को समझ सकें।

    ग्रीन कॉरिडोर बनाएंगे, ताकि आग की घटनाओं से बचा जा सके

स्वच्छता के साथ पेयजल व्यवस्था पर देंगे विशेष ध्यान

प्रयागराज कुंभ की तरह सिंहस्थ 2028 में स्वच्छता के साथ पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यही वजह है कि नगर पालिक निगम, पीएचई और जल संसाधन विभाग के ऐसे अफसर और कर्मचारी जो वर्षों से इस काम में जुटे हैं, उन्हें प्रयागराज कुंभ के भ्रमण के लिए भेजा जाएगा। उनके लौटने के बाद वे अपने मातहत और साथियों को ट्रेनिंग भी देंगे। उनके सुझाव और अनुभव के आधार पर सिंहस्थ क्षेत्र में काम को आगे बढ़ाया जाएगा।

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सिंहस्थ में पहली बार ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, ताकि आग लगने की घटनाओं से बचा जा सके। कलेक्टर सिंह ने कहा कि जब वे प्रयागराज कुंभ के भ्रमण पर गए थे, तब आग लगने पर घटनास्थल का भी निरीक्षण किया था। प्रयागराज कुंभ की टीम ने बड़ी कुशलता से अग्निकांड पर काबू पाया।

इसके अलावा उन्होंने एक ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया था, जिसकी मदद से आग की घटना केवल उस कैंप तक ही सीमित रही। ऐसा नहीं होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। इसी तर्ज पर सिंहस्थ में शिप्रा तट पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि इस तरह की घटना होने पर उस पर काबू पाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन वक्त रहते चलाया जा सके।

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सिंहस्थ के दौरान स्पेशल कमांड सेंटर बनाएंगे सिंहस्थ के दौरान बनाए जाने वाले स्पेशल कमांड सेंटर में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। आपदा प्रबंधन के लिए एनडीआरएफ, होमगार्ड, स्थानीय वॉलंटियर को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर विद्युत विभाग के लाइनमैन, सफाई मित्र और अन्य स्थानीय कर्मचारियों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी।

 

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