बहरीन की सरकारी तेल कंपनी पर हमला, देश में ईंधन सप्लाई पर संकट

मनामा
बहरीन की सरकारी तेल कंपनी बापको एनर्जीज ने अपनी गतिविधि पर 'फोर्स मेज्योर' घोषित किया है। इसका मतलब है कि अगर किसी वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कंपनी उसकी जिम्मेदार नहीं मानी जाएगी क्योंकि हालात उसके नियंत्रण से बाहर हैं। यह फैसला तब लिया गया जब देश की मुख्य तेल रिफाइनरी की तरफ से घना धुआं उठता हुआ देखा गया। इससे पहले सरकार ने कहा था कि सित्रा इलाके में ईरानी ड्रोन हमले के कारण कुछ लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को थोड़ा नुकसान भी हुआ है। बापको एनर्जीज बहरीन की मुख्य तेल रिफाइनरी चलाने वाली कंपनी है, और यह देश के ऊर्जा क्षेत्र का एक अहम केंद्र है।

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पोस्ट में कहा, “कंपनी ने साफ किया कि स्थानीय बाजार की सभी जरूरतें मौजूदा प्लान के हिसाब से पूरी तरह से काम कर रही हैं, जिससे सप्लाई जारी है। बापको एनर्जीज अपने सभी हितधारकों के साथ अपने रिश्तों को महत्व देती है और उन्हें अपडेट करती रहेगी।” यूएस-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष को एक हफ्ते से ज्यादा बीत गए हैं और इनकी लड़ाई का असर पूरे मध्य पूर्व पर दिख रहा है। अमेरिका-इजरायल के एयर स्ट्राइक के बदले ईरान मध्य पूर्व में स्थापित उनके बेस या उनसे जुड़े केंद्रों पर कर रहा है।

फोर्स मेज्योर (अप्रत्याशित घटना) के तहत कंपनी को अपने कॉन्ट्रैक्ट में दिए दायित्वों को अस्थायी रूप से निलंबित या रद्द करने का अधिकार होता है। ये एक कानूनी धारा है। ऐसी अनुमति तब दी जाती है जब कंपनी के नियंत्रण से परे ऐसी असाधारण घटनाएं हो जाती हैं और उसे अपने दायित्वों को पूरा करने से रोकती हैं। इसके तहत कंपनी को बाद में कोई हर्जाना नहीं भरना पड़ता। 7-8 मार्च की दरमियानी रात ईरान की राजधानी तेहरान स्थित तेल ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए गए थे। इसमें आग लगी और पूरा तेहरान जल उठा। कई तस्वीरें और वीडियो सोशल प्लेटफॉर्म पर अपलोड हुए जिसमें शहर धूं-धूं कर जलता दिखा।

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इसके बाद ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने कहा कि ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स पर यूएस-इजरायल की हवाई बमबारी लड़ाई के एक "खतरनाक दौर" की निशानी है और यह एक वॉर क्राइम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईंधन डिपो को निशाने पर ले, हमलावर हवा में खतरनाक और जहरीले तत्व छोड़ रहे हैं, आम लोगों को जहर दे रहे हैं, पर्यावरण को बर्बाद कर रहे हैं, और बड़े पैमाने पर इंसानों को खतरे में डाल रहे हैं।" बघाई ने आगे कहा कि ये पर्यावरण और इंसानी तबाही के नतीजे ईरान की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रहेंगे। ये हमले इंसानियत के खिलाफ अपराध और नरसंहार हैं।

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