असम चुनाव से पहले कांग्रेस को करारा झटका, भूपेन बोरा ने थामा भाजपा का दामन

गुवाहाटी

असम में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भाजपा में शामिल हो गए हैं। गुवाहाटी में रविवार को भूपेन कुमार बोरा ने भाजपा की सदस्यता ली। यह कार्यक्रम भाजपा के प्रदेश मुख्यालय वाजपेयी भवन में आयोजित किया गया। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और सांसद बैजयंत पांडा भी मौजूद रहे। भूपेन बोरा के साथ कांग्रेस के पूर्व कार्यकर्ता संजू बोरा भी भाजपा में शामिल हुए।

इस्तीफे के बाद बदला घटनाक्रम
भूपेन बोरा ने 16 फरवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। कई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने उनके घर पहुंचे और राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की थी। बोरा ने अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए समय मांगा था।

ये भी पढ़ें :  पंजाब के नंबर वाली गाड़ी पकड़ने और उसमें आप पार्टी से संबंधित सामग्रियों के मिलने को लेकर प्रवेश वर्मा ने साधा निशाना

इसके अगले ही दिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा उनके घर गए। मुलाकात के बाद सरमा ने घोषणा की कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे। इस घोषणा के बाद असम की राजनीति में अटकलों का दौर समाप्त हो गया।

कांग्रेस में अपमान का लगाया आरोप
भाजपा में शामिल होने के बाद भूपेन बोरा ने कांग्रेस में अपने साथ हुए व्यवहार पर दुख जताया। उन्होंने कहा, "मैंने कांग्रेस पार्टी को 32 साल दिए। कांग्रेस ने मुझे विधायक से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक बनाया।" उन्होंने बताया कि कैसे पार्टी में उन्हें अपमानित महसूस हुआ।

ये भी पढ़ें :  कांग्रेस का सृजन हो या नेताओं का विसर्जन यह तो वही जानें हमको उससे क्या लेना देना :रामेश्वर शर्मा

बोरा ने कहा, "मैंने गठबंधन के लिए बातचीत शुरू की थी। गौरव गोगोई ने कहा कि अकेले मत जाओ, रकीबुल हुसैन को भी साथ ले जाओ। लेकिन बाद में गौरव गोगोई ने घोषणा कर दी कि भूपेन बोरा ने गलतफहमी पैदा की है। मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने सबके सामने मेरा अपमान क्यों किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।"

ये भी पढ़ें :  आतंकवादियों के जनाजे में पाक सेना और पुलिस थी शामिल, इससे ये साबित होता आतंक के समर्थन में वो लोग खड़े-दिग्विजय सिंह

आने वाले चुनाव पर पड़ेगा असर
भूपेन बोरा ने यह भी बताया कि जब वह 2021 में अध्यक्ष बने थे, तब कांग्रेस का एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन था, जिसे उन्होंने तोड़ा था। बाद में उन्होंने इंडिया गठबंधन बनने से पहले 16 दलों के साथ साझेदारी की थी। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस साल मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है।

Share

Leave a Comment