PM-KUSUM-2 पर किसानों को बड़ी राहत, सोलर पंप से होगी सिंचाई; खाली खेत से भी होगी कमाई

नई दिल्ली

देशभर के किसानों को जिस योजना का बेसब्री से इंतजार था, उसको लेकर सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM) के दूसरे चरण को लेकर बड़ा अपडेट बताया हे; उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम के पहले चरण (PM-KUSUM 1) की सफलता के बाद, सरकार जल्द ही इसका नया और उन्नत वर्जन यानी 'पीएम-कुसुम 2' (PM-KUSUM 2) लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. चूंकि 'पीएम-कुसुम 1' को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, इसलिए सरकार अब बहुत जल्द 'पीएम-कुसुम 2' को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया में जुटी है।  

इस योजना के तरह खेती-किसानी में सिंचाई के लिए सोलर पंप पर भारी सब्सिडी देने की तैयारी है. साथ ही किसान अपनी खाली पड़ी जमीन पर या बंजर जमीन पर सोलर प्‍लांट लगाकर बिजली पैदा कर सकेंगे, इसे सरकार को बेच सकेंगे और PM सूर्य घर योजना की तरह मोटी कमाई भी कर सकेंगे। 

अगर आप भी एक किसान हैं या ग्रामीण इलाके में सोलर एनर्जी के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत काम की है. तो आइए, जानते हैं कि इसमें क्या खास प्रावधान किए गए हैं और इस नई योजना से किसानों को क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं। 

ये भी पढ़ें :  140 आत्मसमर्पित नक्सली बने विधानसभा के मेहमान, लोकतंत्र को करीब से समझा

क्या है PM-KUSUM योजना?
'PM-KUSUM' यानी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान' (PM-KUSUM) का मुख्य उद्देश्य किसानों को डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता से पूरी तरह मुक्त करना है. इस योजना के तहत सरकार किसानों को कई बड़ी सुविधाएं देती है:

    सोलर पंप पर भारी सब्सिडी: PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगवाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 30 से 50 प्रतिशत तक की भारी केंद्रीय सब्सिडी दी जाती है. खेतों में जो अभी मौजूदा समय में बिजली वाले पंप लगे हैं, जो ग्रिड से जुड़े हैं, उन पंपों का सोलराइजेशन करने पर भी ये सब्सिडी मिलेगी। 

    बंजर जमीन पर पैदा होगी बिजली: किसान अपनी बंजर या खाली पड़ी जमीन पर 2 मेगावाट तक के सोलर पावर प्लांट भी इंस्‍टॉल कर सकते हैं. इससे जो बिजली पैदा होगी, उसे स्थानीय डिस्कॉम यानी बिजली डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को स्‍टेट-रेगुलेटेड टैरिफ पर बेचकर अच्‍छी कमाई भी कर सकते हैं. जैसा कि PM सूर्य घर योजना में प्रावधान है।   

किसानों और आम लोगों को सीधा फायदा? 
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यह भी जानकारी दी कि सरकार और उद्योग जगत मिलकर रिन्यूएबल एनर्जी उपकरणों की लागत को कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. हाल ही में नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और उनके घटकों पर GST की दरों को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे यह तकनीक अब बहुत सस्ती हो गई है। 

ये भी पढ़ें :  असम विधानसभा में लंबे साल से चले आ रहे 'नमाज ब्रेक' को खत्म किए जाने पर भड़के मुस्लिम विधायक

    GST कम होने से किसानों के लिए 5 हॉर्सपावर (HP) का सोलर पंप लगभग 17,500 रुपये तक सस्ता हो गया है. सरकार के 10 लाख नए सोलर पंप लगाने के लक्ष्य से किसानों को कुल मिलाकर लगभग 1,550 करोड़ रुपये की बड़ी बचत होने का अनुमान है। 

    आम परिवारों के लिए भी छतों पर लगने वाला 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम (जो 'पीएम सूर्य घर' योजना के तहत आता है) अब लगभग 9,000 से 10,500 रुपये तक सस्ता मिल रहा है। 

    इस कटौती से यूटिलिटी और पावर प्रोजेक्ट्स की लागत भी काफी घटी है, जिसका सीधा सकारात्मक असर आम उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों पर पड़ेगा। 

कैसा रहा है PM-KUSUM योजना का पहला चरण? 
ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पीएम-कुसुम के पहले चरण ने एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है. लॉन्‍ग टर्म लक्ष्‍य तो 10,000 मेगावाट का है, लेकिन अब तक इसमें 1986.3 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। 

ये भी पढ़ें :  आतंकवाद पर भारत की चिंताओं से वाकिफ हुआ अमेरिका, उसी घटना के बाद शुरू हुई थी GWOT की राह

देश भर में 13.07 लाख से अधिक स्टैंडअलोन सोलर पंप मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 11.69 लाख पंप पहले ही लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा, किसानों के सिंचाई पंपों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसके तहत लाखों एफएलएस (FLS) और आईपीएस (IPS) पंपों का सोलराइजेशन किया जा चुका है। 

PM-KUSUM 1 से कितनी अलग, क्‍या है तैयारी?  
पीएम-कुसुम के दूसरे चरण में सरकार लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी बढ़ावा दे रही है ताकि देश में ही सस्ते और टिकाऊ उपकरण तैयार हो सकें। 

यदि आप भी डीजल के महंगे खर्च से परेशान हैं और अपने खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप लगवाने या अपनी खाली जमीन का सही उपयोग करके बिजली बेचने के इच्छुक हैं, तो आने वाले दिनों में लॉन्च होने वाली 'पीएम-कुसुम 2' योजना आपके लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। 

योजना के आधिकारिक ऐलान के बाद किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग या सीएससी (CSC) सेंटर के जरिए इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment