ब्रेन ट्यूमर अब नहीं है लाइलाज, नई तकनीक से सफल इलाज, बीमारी के प्रति फैल रही जागरूक

इंदौर
मेडिकल हब बन चुके इंदौर में अब गंभीर बीमारियों का इलाज आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किया जा रहा है। ब्रेन ट्यूमर बीमारी का इलाज शासकीय एमवाय अस्पताल और निजी अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों से किया जा रहा है, लेकिन आवश्यक है कि मरीज समय पर इसके लक्षण पहचानकर इलाज करवाएं।
 
बीमारी के प्रति जागरूक हो रहे हैं लोग
विशेषज्ञों ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के मरीजों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि अब जांच की सुविधाएं छोटे शहरों और तहसीलों तक पहुंच चुकी हैं। पहले जहां मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब सिटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक जांच तकनीकें छोटे जिलों में भी उपलब्ध हैं। इस कारण बीमारी का पता जल्दी लग जाता है और समय पर इलाज शुरू हो पाता है। पहले जहां लोग इसका इलाज कराने से बचते थे, लेकिन अब योजनाओं का लाभ लेते हुए बड़ी संख्या में मरीज इसका उपचार शासकीय और निजी अस्पतालों में करवा रहे हैं।

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एमवाय अस्पताल में मिल रहा आधुनिक उपचार
न्यूरोसर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि एमवाय अस्पताल में मरीजों को आधुनिक तकनीकों से इलाज मिल रहा है। हर वर्ष करीब 300 ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन किए जाते हैं। जनवरी माह में अस्पताल में मरीज को बिना बेहोश किए ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया था। यह ऑपरेशन अवेक क्रेनियोटामी पद्धति से किया गया था। अब मरीज स्वस्थ है। इसके अलावा स्पेशियलिटी अस्पताल में इंट्रा-ऑपरेटिव मॉनीटरिंग सिस्टम से मरीजों को उपचार की सुविधा मिल रही है। इससे ऑपरेशन की सफलता दर बढ़ गई है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। धार से आए मरीज ने बताया कि मुझे लगातार सिरदर्द और चक्कर आते थे। डॉक्टर ने एमआरआई करवाने के लिए कहा, जिसमें ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि हुई। पहले डर लग रहा था, लेकिन डॉक्टरों ने समझाया कि अब इसका इलाज संभव है। मेरी सर्जरी हुई और अब मैं सामान्य जीवन जी रहा हूं।

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95 प्रतिशत ऑपरेशन सफल
इंदौर में आधुनिक तकनीकों से ब्रेन ट्यूमर के 95 प्रतिशत ऑपरेशन सफल हो रहे हैं। यही कारण है कि लोग भी अब इसके प्रति जागरूक होने लगे हैं। बात करें शहर के निजी अस्पतालों की तो यहां पर भी नई तकनीकों से इसका इलाज किया जा रहा है। न्यूरोसर्जन डॉ. रजनीश कछारा ने बताया कि पहले लोगों को लगता था कि ब्रेन ट्यूमर होने पर मरीजों के बचने की संभावना कम है, लेकिन अब आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर इलाज मिलने लगा है। नेविगेशन से पता चल जाता है कि ट्यूमर कहां है। साथ ही आपरेशन के बाद भी मरीजों को आईसीयू जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं।

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ब्रेन ट्यूमर के संकेत और लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके प्रकार, विकास की दर, स्थान और ट्यूमर की गंभीरता पर निर्भर कर सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर के कुछ सामान्य लक्षण सिरदर्द (विशेष रूप से सुबह उठते ही), उल्टी और जी मचलाना, बोलने, सुनने या देखने की क्षमता में परिवर्तन, संतुलन बिगड़ना, याददाश्त कमजोर होना, थकान होना, दिनभर नींद आना, व्यवहार में परिवर्तन, मिर्गी के दौरे आना आदि हैं। यदि ऐसे कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। ब्रेन ट्यूमर होने की कोई उम्र नहीं होती है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है।

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