चीफ जस्टिस गवई का बड़ा बयान: भारत की न्याय प्रणाली में सुधार अब अनिवार्य

नई दिल्ली 
चीफ जस्टिस बीआर गवई ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था अनोखी चुनौतियों का सामना कर रही है और इसमें सुधार की सख्त जरूरत है। न्यायमूर्ति गवई ने हैदराबाद में नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के दीक्षांत समारोह को आज संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे छात्रवृत्ति पर विदेश जाकर पढ़ाई करें, न कि परिवार पर इसका बोझ डालें। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्याय व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत है।

ये भी पढ़ें :  India-US FTA में तेजी, न्यूजीलैंड के बाद अमेरिका के साथ डील की तैयारी, पीयूष गोयल ने दिए संकेत

सीजेआई गवई ने कहा, ‘हमारा देश और न्याय व्यवस्था अनोखी चुनौतियों का सामना कर रही है। मुकदमों में कभी-कभी दशकों तक देरी होती है। हमने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां किसी व्यक्ति को विचाराधीन कैदी के रूप में वर्षों जेल में बिताने के बाद निर्दोष पाया गया है। हम जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं उनके समाधान में हमारी सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं मदद कर सकती हैं।’
दीक्षांत समारोह में कौन-कौन शामिल

ये भी पढ़ें :  हरिद्वार को बड़ी सौगात: अमित शाह ने किया 250 बेड वाले अत्याधुनिक इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर अस्पताल का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा भी दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। तेलंगाना हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। बता दें कि चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई शुक्रवार को ही हैदराबाद पहुंच गए थे। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक जितेंद्र ने राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। तेलंगाना पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में उनके आगमन की पुष्टि की थी।

ये भी पढ़ें :  राम गोपाल वर्मा पर FIR, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मॉर्फ्ड फोटो पोस्ट करने का आरोप

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment