जयपुर
मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सचिवों की समिति (Committee of Secretaries) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, बजटीय प्रावधानों के विरुद्ध निधियों के उपयोग तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब समाप्त करने के लिए ई-फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ई-फाइल को जिन विभिन्न स्तरों से होकर गुजरना पड़ता है, उनकी संख्या यथासंभव कम की जाए ताकि निर्णय प्रक्रिया में तेजी आए तथा प्रशासन अधिक दक्ष एवं उत्तरदायी बन सके। उन्होंने विभागों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा।
बैठक में मुख्य सचिव ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जैसे जनभागीदारी आधारित अभियानों में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी जनजागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजिंत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज की सक्रिय भागीदारी अभियान की सफलता की कुंजी है तथा विभागों को स्थानीय स्तर पर व्यापक संवाद एवं सहभागिता को बढ़ावा देना चाहिए।
मुख्य सचिव ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का निपटारा निर्धारित समय सीमा में उचित माध्यम से किया जाए। साथ ही, पोर्टल एवं हेल्पलाइन पर कार्यरत शिकायत निवारण अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए ताकि शिकायतों के प्रभावी एवं त्वरित समाधान की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने विधानसभा सदस्यों द्वारा पूछे गए लंबित प्रश्नों के उत्तर भी शीघ्र एवं तथ्यपरक रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की कार्य रिपोर्टों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अंतर्विभागीय विषयों पर प्रभावी सहयोग एवं संवाद से योजनाओं के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने इज़ ऑफ डूइंग बिज़नस के संबंध में प्रदेश की डी-रेगुलेशन सेल एवं राजनिवेश पोर्टल के उत्कृष्ट प्रदर्शन सहित विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।


