चीन की नई AI तकनीक: समंदर में छुपी पनडुब्बियों का पता लगाना अब आसान

बीजिंग

चीन तकनीक के क्षेत्र में तेजी से दौड़ रहा है। हाल ही में चीन की अलीबाबा कंपनी ने सबसे तेज और पावरफुल AI मॉडल बनाने का दावा किया। अब चीन में एक रिसर्च हुई है, जिसमें एक डरा देने वाला दावा किया गया है। शोध में बताया गया है कि जल्द ही ऐसा AI सिस्टम आएगा, जो समंदर के भीतर छिपी हुई सबमरीन को खोज लेगा। इसे AI-driven anti-submarine warfare (ASW) नाम दिया गया है। चलिए, जानते हैं कि चीन के अध्ययन में क्या-क्या बातें सामने आई हैं?

बचने की संभावना मात्र 5%
चाइना हेलीकॉप्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के इंजीनियर मेंग हाओ ने द्वारा की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ASW से पनडुब्बियों के बचने की संभावना मात्र 5% होगी। इसका मतलब ये है कि हर 20 पनडुब्बियों में से केवल एक ही इस प्रणाली से बच पाएगी। यह तकनीक पुराने खोजी तरीकों के मुकाबले में बहुत सटीक साबित हो सकती है। यह समुद्र में एक स्मार्ट कमांडर की तरह काम करती है, जो सोनार, रडार और समुद्र के तापमान जैसे डेटा का उपयोग करके पनडुब्बियों को ढूंढ लेती है।

ये भी पढ़ें :  बांग्लादेश में चुनाव कराने के बढ़ते दबाव के बीच दुविधा में पड़ी यूनुस सरकार, आवामी लीग पर बैन लगाने की मांग

डेटा को इंटीग्रेट कर काम करती है तकनीक
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की मानें तो यह AI तकनीक हेलीकॉप्टरों से गिराए गए Sonar Buyos, पानी के नीचे के सेंसर, रडार और समुद्री के डेटा को जोड़कर समुद्र के नीचे की तस्वीर बनाएगी। यह तेजी से बताएगी कि कहां पर सबमरीन हो सकती है। कंप्यूटर सिमुलेशन में यह प्रणाली 95 प्रतिशत बार पनडुब्बियों को ढूंढने और ट्रैक करने में सफल रही, चाहे वे कितनी भी छिपने की कोशिश करें।

ये भी पढ़ें :  सीबीएसई बारहवीं बोर्ड के छत्तीसगढ़ के टॉपर साहेब सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात,साहेब सिंह की कविता से गदगद हुए सीएम साय, दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

भविष्य में और पावरफुल होगी तकनीक
सबमरीन लंबे समय से एक पावरफुल हथियार मानी जाती हैं। ये परमाणु हमले कर सकती हैं, खुफिया जानकारी जुटा सकती हैं और बड़े जहाजों को डुबो सकती हैं। इतना सब करने के बावजूद इन्हें पकड़ना मुश्किल था। रिसर्चर्स का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में और बेहतर हो सकती है। यह ड्रोन, जहाज और Underwater Unmannded Vehicles के साथ जुड़कर एक नेटवर्क बना सकेगी। इसे यह AI सिस्टम समय के साथ और स्मार्ट होगा। यह तकनीक पनडुब्बी के मूवमेंट को भी डिकोड कर सकती है, जिससे पनडुब्बी आसानी से नहीं भाग सकेगी।

ये भी पढ़ें :  ईरान ने ट्रंप को दी थी स्लीपर सेल की चेतावनी, कहा अब अमेरिका में होंगे आतंकवादी हमले?

अमेरिका के लिए होगी बड़ी चुनौती
अमेरिकी नौसेना के पास 2025 तक लगभग 70 परमाणु पनडुब्बियां हैं, ये समुद्र में बिना शोर किए चुपचाप छिपी रहती हैं। पनडुब्बियां एडवांस ड्रोन भी ले जाने में सक्षम हैं, जिससे इसे खोजने वाले लोग भटकाए जाते हैं। पुरानी तकनीक से ऐसी पनडुब्बियों के बचने की संभावना 85 प्रतिशत तक थी, जो चीन के जहाजों के लिए बड़ा खतरा थी। अब चीन इस तकनीक पर काम करते हुए अमेरिकी पनडुब्बियों के लिए खतरा पैदा कर देगा।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment