सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस की नई रणनीति, बड़े प्लान से बदलेगी सियासत!

भोपाल

मध्यप्रदेश में सत्ता में वापसी की तैयारी में जुटी कांग्रेस ने अब नया सियासी दांव चल दिया है। पार्टी ने फैसला किया है कि आने वाले पंचायत चुनाव में सरपंच उम्मीदवारों को खुला समर्थन दिया जाएगा। अब तक पंचायत चुनाव गैर-दलीय आधार पर होते रहे हैं और राजनीतिक दल सीधे तौर पर दूरी बनाए रखते थे, लेकिन कांग्रेस ने इस परंपरा को तोड़ते हुए गांव स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई है।

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दरअसल, कांग्रेस 2028 विधानसभा चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी ताकत का आंकलन करना चाहती है। पार्टी का मानना है कि पंचायत चुनाव के जरिए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में पंचायत समितियों का गठन किया गया है। कांग्रेस का दावा है कि अब तक 21 हजार 478 पंचायत समितियां बनाई जा चुकी हैं, जिन्हें प्रत्याशी चयन और समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी।

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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पंचायत कमेटियों के गठन का मकसद गांव-गांव संगठन को मजबूत करना है। पार्टी सरपंच चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को समर्थन देगी ताकि कार्यकर्ता सक्रिय हों और कांग्रेस की पकड़ ग्रामीण इलाकों में मजबूत हो सके।

हालांकि कांग्रेस की इस रणनीति पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गैर-दलीय पंचायत चुनाव में खुला समर्थन कांग्रेस के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है, लेकिन इससे अंदरूनी गुटबाजी बढ़ने का खतरा भी रहेगा।

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मध्यप्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव में समय है। ऐसे में कांग्रेस का यह ‘मिशन एमपी’ आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। अब देखना होगा कि पंचायत चुनाव में खुलकर उतरने का कांग्रेस का यह दांव सत्ता वापसी की राह आसान करता है या नई चुनौतियां खड़ी करता है।

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