छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की उल्टी गिनती शुरू, सरेंडर को तैयार मिशिर बेसरा!

बस्तर.

बस्तर में दशकों पुराना नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है और 31 मार्च 2026 इसकी समाप्ति की दिशा में निर्णायक तारीख बनती दिख रही है। शीर्ष कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद संगठन की कमर टूट चुकी है। सूत्रों के अनुसार मिशिर बेसरा भी सरेंडर के लिए संपर्क में हैं। पिछले दो वर्षों में 5000 नक्सली नेटवर्क खत्म हुआ, जिसमें 3000 ने आत्मसमर्पण किया, 2000 गिरफ्तार और 500 मारे गए।

पुनर्वास नीति और विकास कार्यों ने बड़ा असर डाला है। इस संघर्ष में 1416 जवान शहीद हुए। आईईडी के 1277 मामलों में नुकसान हुआ, लेकिन 4580 आईईडी बरामद कर साजिशें नाकाम की गईं। अब बचे नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण या समाप्त होने का ही विकल्प बचा है। बस्तर में अब विकास और शांति की नई तस्वीर उभर रही है। नक्सलियों के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाई से माओवादी संगठन बैकफुट पर हैं। कभी माओवादी संगठनों के शांति अपील के लेटर सामने आ रहे हैं तो कभी सरकार से युद्ध विराम घोषित करने की मांग। इस बीच एक और लेटर सामने आया है। इस बार माओवादी संगठनों ने अपने साथ काम करने वालों को लेटर लिखा है। जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि अगर आपको किसी तरह से डर लगता है को हथियार छोड़ सकते हैं।

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किसके नाम से जारी किया गया है लेटर
नक्सली संगठन के द्वारा जो लेटर जारी किया है उसमें प्रवक्ता अभय और विकल्प का नाम दिया गया है। सरेंडर कर रहे नक्सलियों को यह लेटर लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों को डर लगता है वह अपने हथियार छोड़ दें लेकिन हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे।

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क्या है मामला
दरअसल, कुख्यात नक्सली कमांडर वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने अपने संगठन को एक लेटर लिखा था। इस लेटर में उसने सरेंडर की बात लिखी थी। उसने अपने लेटर में लिखा था कि अब केवल सरेंडर ही एक बेहतर विकल्प है और अब समय आ गया है कि जनता के वास्तविक मुद्दों के लिए आवाज उठाई जाए। उसके इस लेटर के बाद संगठन में फूट पड़ गई थी। कुछ माओवादियों ने इस लेटर का विरोध किया तो कुछ ने कहा कि हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ सकते हैं। बता दें कि सोनू कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के मेंबर है। 

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नक्सलियों के पास केवल सरेंडर ही विकल्प
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान मिशन 2026 के तहत कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के कई टॉप लीडरों को मार गिराया है। वहीं, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है। उन्हें सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए।

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