खंडवा के डायल-112 हीरोज: संवेदनशीलता और मानवीय सेवा की मिसाल

भोपाल 

डायल-112 आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और विश्वास का सशक्त माध्यम बन रही है। खंडवा जिले में डायल-112 जवानों ने सूझबूझ और करुणा का परिचय देते हुए घर की राह भटके 07 वर्षीय दिव्यांग बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया।

18 फरवरीको खंडवाजिले के थाना मूंदी क्षेत्र अंतर्गत छलायी गाँव के पास सड़क पर एक 07 वर्षीय बालक मिलने की सूचनाडायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूमभोपालको प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि बालक परिजनों के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ है और पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना मूंदी क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

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मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक अमित चौहानएवं पायलट नासिर खानने बालक को संरक्षण में लिया। प्रारंभिक बातचीत और निरीक्षण में पाया गया कि बालक बोलने में असमर्थ (दिव्यांग) है तथा अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है। डायल-112 जवानों ने अत्यंत संवेदनशीलता और धैर्य के साथ बालक की देखभाल सुनिश्चित की।

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इसके पश्चात डायल-112एफआरव्ही वाहन के साथ बालक को लेकर आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ एवं परिजनों की तलाश में जुटे। स्थानीय नागरिकों से संपर्क और पूछताछ के दौरान बालक के परिजनों के परिचित मिले, जिनसे आवश्यक जानकारी प्राप्त कर बालक के परिजनों से संपर्क किया गया।

डायल-112 जवान बालक को सुरक्षित एफआरव्ही वाहन से चौकी लेकर पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को उसके पिता के सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय सेवा पुलिस के “जन-सेवा, जन-सुरक्षा” के मूल्यों को सुदृढ़ करती है।

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