बिना सिम और नेटवर्क भी iPhone पर इंटरनेट? Elon Musk का Starlink देगा सैटेलाइट कनेक्शन

 नई दिल्ली
Apple के लेटेस्ट iPhones में सैटेलाइट कनेक्टिविटी दी जाती है. इमरजेंसी में जहां नेटवर्क ना हो वहां इसे यूज किया जाता है. लेकिन अभी भी ये हर देश के लिए एवेलेबल नहीं है. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple आने वाले iPhone 18 Pro सीरीज़ में एक नया सैटेलाइट-कनेक्टिविटी फीचर जोड़ने पर काम कर रहा है. दावा है कि फ्यूचर के iPhone सीधे Starlink सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़कर डेटा कनेक्शन बना पाएंगे.

गौरतलब है कि Starlink सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस है. ये कंपनी अरबति एलॉन मस्क की है और भारत में इसकी पहले से ही टेस्टिंग हो रही है. हाल ही मेंं वेबसाइट्स पर प्लान भी देखे गए थे, लेकिन बाद में बताया गया कि इसके प्लान बाद में आएंगे. भारत में लोग इसे यूज कब से कर पाएंगे फिलहाल साफ नहीं है. 

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IPhone 18 Pro में मिलेगा Starlink सपोर्ट? 

अभी तक यह सिर्फ रिपोर्ट और इंडस्ट्री सूत्रों पर आधारित जानकारी है. Apple ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. आम तौर पर ऐसे रिपोर्ट्स को कभी ऐपल वेरिफाई नहीं करता है. लेकिन लॉन्च से पहले तक के ज्यादातर लीक्स और रूमर्स सही ही हो जाते हैं.  

इस खबर ने इसलिए ध्यान खींचा है क्योंकि Apple पहले से ही iPhone में सैटेलाइट फीचर दे चुका है, लेकिन लिमिटेशन के साथ. 

अभी iPhone में सैटेलाइट फीचर कैसे काम करता है?

मौजूदा iPhone मॉडल्स में सैटेलाइट कनेक्शन सिर्फ Emergency SOS और सीमित टेक्स्ट मैसेजिंग के लिए इस्तेमाल होता है. यानी अगर मोबाइल नेटवर्क नहीं है, तब भी आप इमरजेंसी मैसेज भेज सकते हैं. लेकिन इससे इंटरनेट ब्राउज़िंग, वीडियो कॉल या ऐप्स चलाना संभव नहीं होता.

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नई रिपोर्ट्स का कहना है कि Apple अब डेटा-लेवल सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर रिसर्च कर रहा है, जहां फोन सिर्फ SOS नहीं, बल्कि लिमिटेड इंटरनेट डेटा भी सैटेलाइट से भेज-रिसीव कर सके.

Starlink से जुड़ने की चर्चा क्यों हो रही है

Starlink, SpaceX का सैटेलाइट नेटवर्क है जो Low-Earth Orbit सैटेलाइट्स के ज़रिये इंटरनेट कवरेज देता है. अभी यह सर्विस डिश-बेस्ड टर्मिनल से चलती है.

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Apple ऐसे हार्डवेयर और मॉडेम डिजाइन पर काम कर रहा है जो भविष्य में डायरेक्ट-टू-सैटेलाइट कनेक्शन को सपोर्ट कर सके. इसी वजह से Starlink का नाम चर्चाओं में है.

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हालांकि अभी तक Apple और SpaceX के बीच किसी पक्के कमर्शियल डील की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए फिलहाल इसे टेक-इंडस्ट्री प्लानिंग और ट्रायल स्टेज की खबर माना जा रहा है.

अगर ऐसा होता है तो फायदा क्या होगा?

अगर फ्यूचर में iPhone में लिमिटेड सैटेलाइट डेटा सपोर्ट आता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों में होगा जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर है,  जैसे पहाड़ी क्षेत्र, समुद्र में सफर या रिमोट एरिया.

लेकिन एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि सैटेलाइट डेटा स्पीड और लागत अभी मोबाइल नेटवर्क जैसी नहीं है. इसलिए शुरुआती दौर में यह फीचर बैकअप कनेक्टिविटी की तरह इस्तेमाल हो सकता है, न कि रेगुलर 5G रिप्लेसमेंट के तौर पर.

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