यूपी में मत्स्य कारोबार को मिलेगा बड़ा बूस्ट, गोरखपुर-मुरादाबाद में बनेंगी आधुनिक फिश मंडियां

 लखनऊ

प्रदेश में मत्स्य उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार को नई गति देने के लिए सरकार ने स्टेट आफ आर्ट होल सेल फिश मंडी, एकीकृत एक्वा पार्क और मत्स्य प्रसंस्करण सेंटर स्थापना की योजना को धरातल पर उतारने की कोशिश शुरू कर दी है।

इसके तहत पहले चरण में गोरखपुर और मुरादाबाद में होल सेल मत्स्य मंडी स्थापित की जाएंगी। वहीं गोरखपुर में एकीकृत एक्वा पार्क और मत्स्य प्रसंस्करण सेंटर भी बनाया जाएगा। मत्स्य विभाग ने योजना के संचालन के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

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योजना के तहत मुरादाबाद में 4.84 एकड़ भूमि होलसेल फिश मंडी का निर्माण किया जाएगा। वहीं गोरखपुर में मंडी के साथ एक्वा पार्क व प्रसंस्करण इकाई के लिए 27 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है।

इनमें मत्स्य उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और परिवहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही जल पर्यटन, मनोरंजन और जलीय कृषि आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।

अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत फिश मंडी निर्माण को 24-24 करोड़ रुपये, एक्वा पार्क के लिए 40 करोड़ और मत्स्य प्रसंस्करण इकाई के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। इनका संचालन निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मोड पर किया जाएग। इसके लिए

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आमंत्रित किए जाएंगे। योजना के संचालन के लिए अपर मुख्य सचिव-प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। विभाग के अनुसार, योजना मत्स्य पालन की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी।

मत्स्य पालकों को आधुनिक बाजार, बेहतर भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाएं मिलेंगी। अभी किसानों और कारोबारियों को संगठित बाजार और आधुनिक सुविधाओं के अभाव में नुकसान उठाना पड़ता है।

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नई व्यवस्था से उन्हें बेहतर कीमत मिल सकेगी और बिचौलियाें पर भी अंकुश लगेगा। मत्स्य पालन से जुड़े युवाओं, व्यापारियों और उद्यमियों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिलेगा। प्रदेश में मत्स्य उत्पादन और निर्यात क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

 

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