Census 2027: जनगणना के 33 सवालों का जवाब देना कितना जरूरी? गलत जानकारी देने पर क्या है नियम

नई दिल्ली
जनगणना 2027 की प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से जारी है। सबसे पहले मकानों की गणना की जा रही है। इसके लिए लोगों से 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। मकानों की गणना के दौरान भी घर-परिवार और रहन-सहन के बारे में पूछे जाने वाले सवालों को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं भी रहती हैं। एक तो यह कि क्या सभी सवालों का जवाब देना जरूरी है? दूसरा यह कि अगर किसी सवाल का गलत जवाब दिया गया तो क्या ऐक्शन हो सकता है?

क्या है जनगणना की रूपरेखा
जनगणना 2027 की रूपरेखा दो प्रमुख चरणों में बंटी है। सबसे पहले हाउसिंग सेंसस हो रहा है। इसके लिए जनगणना अधिकारी एक-एक घर तक पहुंच रहे हैं और उनकी स्थिति, सुविधाएं और घर में रहने वाले लोगों से जुड़ी बुनियादी जानकारियां इकट्ठी कर रहे हैं। इन जानकारियों के लिए परिवार के मुखिया से 33 सवाल किए जाते हैं और उन्हें ऑनलाइन दर्ज कर लिया जाता है। रजिस्ट्रार जनरल का कहना है कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य जमीनी हकीकत का को ठीक से समझना और मुख्य जनगणना के कार्य को आसान करना है। इसके बाद 1 फरवरी से जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा।

ये भी पढ़ें :  गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा अपडेट! ग्राहकों को अब इस नए तरीके से मिलेगा LPG

क्यों पूछे जा रहे हैं 33 सवाल
जनगणना के पहले चरण में यह पता लगाने का प्रयास है कि लोगों के जीवन का स्तर क्या है। इसी वजह से जो 33 सवाल किए जा रहे हैं उनमें सुविधाओं की जानकारी को मुख्य रखा गया है। इसमें घर में कितने लोग रहते हैं, फर्श कैसी है, दीवार की छत किस सामग्री से बनी है, पीने की पानी की क्या सुविधा है, घर का मुखिया कौन है। ऐसे सवाल शामिल किए गए हैं।

इन सवालों में पानी, शौचालय, इंटरनेट, मोबाइल जैसे सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा कार,बाइक, साइकल और वाहनों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे लोगों के जीवन स्तर के सही आंकड़े जुटाए जा सकें।

ये भी पढ़ें :  'हिंदू जनजागृति संगठन' ने कहा- एमएफ हुसैन ने भारत माता को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया है, लगे रोक

जवाब ना देने पर क्या होगा
सवाल है कि अगर कोई जनगणना में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं देता है तो क्या होगा। देश के नागरिक होने के नाते कोई भी सवालों का जवाब देने से इनकार नहीं कर सकता। वहीं जनगणना अधिकारी की भी जिम्मेदारी होती है को वह इन जानकारियों को पोर्टल पर ही अपडेट करे और कहीं प्रचारित ना करे। अगर कोई जानकारी गलत देता है तो सेंसस ऐक्ट 1948 के मुताबिक उस पर जुर्माना भी लग सकता है। हालांकि इससे नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सरकार के लिए आपके सवाल इसलिए भी जरूरी हैं ताकि जिन सुविधाओँ तक आपकी पहुंच नहीं हैं, उन्हें भविष्य में सुलभ बनाया जा सके। सरकार का कहना है कि नागरिकों के हित में ही ये सवाल किए जा रहे हैं।

क्या हैं जनगणना के 33 सवाल?

1. भवन संख्या

2. जनगणना घर संख्या

3- फर्श में उपयोग की गई सामग्री

4. घऱ की दीवार में उपयोग की गई सामग्री

ये भी पढ़ें :  आज ‘‘मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना’’ का भूपेश बघेल करेंगे शुभारंभ, तीन एकड़ में बघेल करेंगे पौधारोपण

6. घर के छत में उपयोग की गई प्रमुख सामग्री

7. घर का उपयोग

7. घर की स्थिति (नया या पुराना)

8. घर में रहने वाले लोगों की संख्या

9. परिवार में आम तौर पर उपलब्ध रहने वालों की संख्या

10. परिवार के मुखिया का नाम

11- परिवार के मुखिया का लिंग

12. परिवार के मुखिया की जाति

13. घर किराये का या खुद का

14. आवासीय कमरों की संख्या

15. परिवार में रहने वाले विवाहितों की संख्या

16. पीने के पानी का स्रोत

17. प्रकाश की व्यवस्था

18. शौचालय की उपलब्धता

19. शौचालय का प्रकार

20. जल निकासी की व्यवस्था

21. स्नान की सुविधा

22. रसोईघर में एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन

23. खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन

24. रेडियो या ट्रांजिस्टर

25. टेलीविजन

26. इंटरनेट

27. लैपटॉप या कंप्यूटर

28. मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज

29. कार जीप की उपलब्धता

30. मोबाइल नंबर

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment