यूपी में BJP-RSS की महत्वपूर्ण बैठक: तीन नेताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ

 उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो, लेकिन बीजेपी ने अभी से चुनावी तैयारियां तेज कर दी है। पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए सत्ताधारी पार्टी हर संभव प्रयास कर रही है। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी ऐक्शन मोड में आ गई है। बीजेपी पंचायत चुनाव को सेमी फाइनल मानकर चल रही है। इसी के तहत सरकार, संगठन और संघ के बीच बेहतर तालमेल बनाने की रणनीति को लेकर बैठक हुई है। इस बैठक में बेहद महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।

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राजधानी लखनऊ के निरालानगर स्थित संघ भवन में पूर्वी क्षेत्र की तीन दिवसीय समन्वय बैठक की हुई है। इस बैठक में सरकार, संगठन और संघ के बीच बेहतर तालमेल बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई है। बताया जा रहा है कि बैठक में सामाजिक समूह और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार हुआ है। बैठक में बीजेपी के तीन पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिम्मेदारियों के क्रम में मुख्यमंत्री स्तर के मामलों का समन्वय प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह को सौंपी गई है।

इसी तरह मंत्रियों से जुड़े मामलों का दायित्व प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य को मिला है, जबकि संगठन संबंधी प्रकरणों का जिम्मा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह को दिया गया है। ये तीनों नेता संघ से जुड़े मामलों को संगठन और सरकार तक पहुंचाकर समाधान कराने का काम करेंगे। इसके अलावा बैठक में समाज, छात्र और शिक्षकों के बीच बीजेपी और संघ की पैठ मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। बैठक में तय हुआ है कि शिक्षण संस्थानों में माहौल बेहतर बनाने के लिए संघ और बीजेपी मिलकर काम करेंगे।

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वहीं बाराबंकी के एक शिक्षण संस्थान में छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए यह सहमति बनी कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए समय रहते समन्वय और हस्तक्षेप आवश्यक है। इसके साथ ही बैठक में सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई है। पीएम मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

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इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाना, विचारधारा का विस्तार करना और नए लोगों को संगठन से जोड़ना है। बैठक को पंचायत चुनाव से पहले बीजेपी और संघ की तैयारी का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

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