भारत 2025 में बनेगा दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, 2028 में जर्मनी से भी होगा आगे

नई दिल्ली

भारत की जीडीपी 2025 में जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से जारी किए गए वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अप्रैल 2025 में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत की नॉमिनल जीडीपी बढ़कर 4,187.017 अरब डॉलर हो जाएगी। वहीं, जापान की जीडीपी का आकार 4,186.431 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

भारत मौजूदा समय में दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जीडीपी में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान, भारत से आगे हैं।

ये भी पढ़ें :  School timing in Raipur : स्कूलों का बदला समय, अब सुबह सात से 11 बजे तक लगेंगी कक्षाएं, CM ने ट्वीट किया आदेश कॉपी

आईएमएफ के अनुमानों के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन सकता है। 2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर सकती है और इस दौरान जीडीपी का आकार 5,069.47 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। वहीं, 2028 तक भारत की जीडीपी का आकार 5,584.476 अरब डॉलर होगा जबकि इस दौरान जर्मनी की जीडीपी का आकार 5,251.928 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

ये भी पढ़ें :  15 अगस्त की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के नाम संबोधन, बोलीं- हमारी सबसे बड़ी पहचान है भारत का नागरिक होना

आईएमएफ के अनुमानों में कहा गया कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका और चीन 2025 के साथ आने वाले करीब एक दशक तक अपनी रैंकिंग बरकरार रख सकते हैं।

आईएमएफ ने 2025 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर को घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले जनवरी आउटलुक रिपोर्ट में यह आंकड़ा 6.5 प्रतिशत पर था

रिपोर्ट में बताया गया कि विकास दर में कमी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ की अनिश्चितताओं के कारण है।

ये भी पढ़ें :  बजट 2026: रियल एस्टेट और देश की आधी आबादी को क्या मिलेगी उम्मीद? जानिए एक्सपर्ट की राय

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनी हुई है। अगले दो वर्षों में दुनिया की एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था होगी, जो कि 6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।

आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा, “हमारे अप्रैल 2025 के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में 2.8 प्रतिशत की कमजोर वैश्विक वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जिसमें 127 देशों की वृद्धि दर में गिरावट शामिल है, जो विश्व जीडीपी का 86 प्रतिशत है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment