होर्मुज पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत के बड़े कदम, 41 देशों से तेल आयात और PNG पर जोर

नई दिल्ली
होर्मुज स्ट्रेट में संकट के बीच भारत ने ऊर्जा आपूर्ति के लिए विदेशी निर्भरता को लगातार कम करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पहले भारत क्रूड ऑयल, एलएनजी और एलपीजी जैसी ऊर्जा जरूरतों के लिए 27 देशों पर निर्भर था, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 41 देशों तक पहुंच गई है। इससे आपूर्ति स्रोतों में विविधता आई है और किसी एक क्षेत्र या देश पर अत्यधिक निर्भरता कम हुई है। सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को मजबूत करने के लिए LPG के साथ PNG को बढ़ावा दिया है। साथ ही, समुद्री परिवहन में आत्मनिर्भरता के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भरता घटाने का संकल्प लिया गया है, क्योंकि वर्तमान में भारत का 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार विदेशी जहाजों से होता है।

ये भी पढ़ें :  Zomato की नई पॉलिसी: ग्राहकों के नंबर रेस्तरां के साथ साझा, बवाल मचा

इस संकट के दौरान भारत की आर्थिक मजबूती और तैयारियों ने विश्वास बढ़ाया है। पिछले एक दशक में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए क्रूड ऑयल का भंडारण प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में देश के पास 5.3 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक पेट्रोलियम भंडार हैं, जो तीन स्थानों (विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर) पर स्थित हैं। तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त स्टॉक बनाए रखती हैं। सरकार ने क्रूड ऑयल और अन्य जरूरी सामानों के परिवहन के लिए स्वदेशी जहाजों के निर्माण पर जोर दिया है। लगभग 70,000 करोड़ रुपये की योजना के तहत मेड इन इंडिया जहाजों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वैश्विक संकट में आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित रहेगी।

ये भी पढ़ें :  भाजपा ने यमुना नदी की सफाई को लेकर आम आदमी पार्टी पर बोला हमला

भारत ने उठाए कई कदम
मौजूदा पश्चिम एशिया संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। भारत ने नागरिकों, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और परिवहन संबंधी सुविधाओं पर किसी भी हमले का विरोध किया है। डिप्लोमेसी के माध्यम से भारत अपनी जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दे रहा है।

ये भी पढ़ें :  केंद्र सरकार भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ सर्व सुलभ कराने के लिए प्रतिबद्ध है: जेपी नड्डा

सरकार का प्रयास है कि तेल, गैस, उर्वरक जैसे आवश्यक सामानों से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें। ऐसे समय में कालाबाजारी और जमाखोरी करने वाले सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए जहां भी ऐसी शिकायतें आएं, त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। भारत का आर्थिक आधार मजबूत है और सरकार एकल ईंधन स्रोत पर निर्भरता से बचने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले 11 वर्षों में लिए गए निरंतर निर्णयों से देश किसी भी संकट का बेहतर सामना करने में सक्षम हुआ है। प्रधानमंत्री ने सदन और राष्ट्र को आश्वासन दिया कि क्रूड ऑयल की पर्याप्त स्टोरेज और निरंतर सप्लाई व्यवस्था है।

 

Share

Leave a Comment