छत्तीसगढ़-रायगढ़ के जिला जेल के बंदी कर रहे उपवास और उपासना, मां दुर्गा से मांग रहे क्षमा

रायगढ़.

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर पूरे देश में जहां मां दुर्गा की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जा रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल में बंद कैदी व विचाराधीन बंदी भी जेल के भीतर उपवास रहकर न केवल मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जा रही है बल्कि अपने किये गए अपराधों की क्षमा मांगी जा रही है।

रायगढ़ जिला जेल के जेलर एसपी कुर्रे ने इस संबंध में बताया कि नवरात्रि के पहले दिन 8 महिलाएं और 78 पुरूषों ने उपवास रखते हुए पूजा अर्चना की थी। नवरात्रि के दूसरे दिन 44 पुरूष, तीसरे दिन में 8 महिलाएं और 45 पुरूषों ने नवरात्रि का उपवास रखा था। ज्यादातर बंदी एकम, पंचमी और अष्टमी को उपवास रखते हैं। इसके लिये हमारी तरफ से फल, साबूदान, उबला आलू के अलावा फल्लीदाना फलाहार के रूप में व्यवस्था की जा रही है। जेलर ने यह भी बताया कि सुबह और शाम के समय यहां के बंदी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना, भजन कीर्तन पश्चात प्रसाद का वितरण करते हैं।

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एक बैरक में होती है पूजा
एक बैरग में साफ-सफाई करके जोत जलाया जाता है, और इस दौरान जो उपवास रहते हैं उनके द्वारा सुबह व शाम के समय पूजा पाठ आरती पश्चात प्रसाद वितरण किया जाता है। हर साल नवरात्रि के अवसर पर जेल में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों के द्वारा नवरात्रि के अवसर पर मां देवी की पूजा अर्चना की जाती है।

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किये गए अपराधों का मांगते है क्षमा
जेल में बंद कैदी धार्मिक आस्था का पालन करते हुए हर नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा अर्चना करते हुए अपने द्वारा किये गए अपराधों का मां दुर्गा से क्षमा मांगते हुए पश्चाताप करते हैं। साथ ही साथ घर परिवार के लिये आशीर्वाद मांगते हैं।

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