पद्मनाभस्वामी मंदिर का रहस्यमयी दरवाज़ा: क्या आज भी नाग पाशम मंत्र से है बंद?

 तिरुवनंतपुरम

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर न केवल भारत का, बल्कि दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है. लेकिन इस मंदिर की ख्याति केवल इसके अपार सोने-चांदी के कारण नहीं है, बल्कि इसके सातवें दरवाजे Vault B के पीछे छिपे अनसुलझे रहस्य के कारण भी है. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जब मंदिर के तहखानों को खोला गया, तो पांच दरवाजों से करीब कई टन सोना निकला. लेकिन जैसे ही सातवें दरवाजे की बारी आई, वहां सन्नाटा पसर गया. आखिर क्या है इस दरवाजे का रहस्य? जो इसे आजतक भी नहीं खोला गया है, आइए जानते हैं.

बिना ताले और चाबी का दरवाजा

इस दरवाजे की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें कोई ताला, चाबी, कुंडी या नट-बोल्ट नहीं है. यह लोहे का एक विशाल दरवाजा है जिस पर दो बड़े नागों की आकृतियां बनी हुई हैं. देखने में ऐसा लगता है जैसे ये नाग इस दरवाजे की पहरेदारी कर रहे हों.

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नाग बंधम मंत्रों का पहरा

पौराणिक मान्यताओं और मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस दरवाजे को किसी भौतिक तकनीक से नहीं, बल्कि प्राचीन नाग बंधम मंत्रों के जरिए मंत्रमुग्ध कर बंद किया गया है. माना जाता है कि इसे सिद्ध ऋषियों ने सदियों पहले सुरक्षित किया था ताकि मंदिर की पवित्रता और खजाना सुरक्षित रहे.

इसे कौन खोल सकता है?

शास्त्रों के जानकार बताते हैं कि इस दरवाजे को केवल वही सिद्ध पुरुष या तपस्वी खोल सकता है जिसे ‘गरुड़ मंत्र’ का पूरा ज्ञान हो. यदि कोई व्यक्ति गलत उच्चारण के साथ या आधुनिक मशीनरी के जरिए इसे जबरन खोलने की कोशिश करता है, तो माना जाता है कि इसका परिणाम विनाशकारी हो सकता है.

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अनहोनी का डर और धार्मिक मान्यताएं

स्थानीय लोगों और राजपरिवार का मानना है कि इस दरवाजे को खोलना भगवान विष्णु के अवतार पद्मनाभस्वामी के क्रोध को निमंत्रण देना होगा. कहा जाता है कि 1930 के दशक में कुछ लुटेरों ने इसे खोलने की कोशिश की थी, लेकिन जहरीले सांपों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वे भाग खड़े हुए. यह भी मान्यता है कि इस दरवाजे के पीछे अथाह समुद्र का पानी या कोई दिव्य शक्ति है, जिसे छेड़ने पर प्रलय आ सकता है.

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सुप्रीम कोर्ट और कानूनी रोक

मंदिर के प्रबंधन और खजाने की सुरक्षा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सात तहखानों की सूची बनाई थी. हालांकि, Vault B (सातवें दरवाजे) को लेकर जुड़ी धार्मिक आस्थाओं और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए फिलहाल इसे खोलने पर रोक लगा दी गई है. कोर्ट का मानना है कि श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुचाना उचित नहीं है. इसलिए पद्मनाभस्वामी मंदिर का Vault B आज भी विज्ञान और आधुनिक दुनिया के लिए एक चुनौती बना हुआ है.

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