मोदी के स्वागत को तैयार इजरायल, नेतन्याहू बोले– ‘पर्सनल फ्रेंडशिप’ से रिश्तों में आएगी नई मजबूती

इजरायल
प्रधानमंत्री Narendra Modi 25-26 फरवरी को इजरायल के दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा से पहले भारत में इजरायल के राजदूत Reuven Azar ने कहा है कि भारत और इजरायल सिर्फ साझेदार नहीं, बल्कि “सच्चे दोस्त” हैं, जो मिलकर भविष्य को आकार दे रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि यह दौरा भारत और इजरायल के “विशेष संबंधों” को और मजबूत करेगा। नेतन्याहू ने कहा कि उनकी और पीएम मोदी की व्यक्तिगत मित्रता भी दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दे रही है।

ये भी पढ़ें :  CG Assembly Election 2023 : जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने जारी की तीसरी सूची, महासमुंद से राशि महिलाँग लड़ेंगी चुनाव

उन्होंने बताया कि पीएम मोदी इजरायल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे और यरुशलम में एक इनोवेशन कार्यक्रम में भाग लेंगे। दोनों नेता Yad Vashem भी जाएंगे, जो होलोकॉस्ट पीड़ितों की स्मृति में बना आधिकारिक स्मारक है। भारत-इजरायल संबंध पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हुए हैं। रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम में दोनों देश एक-दूसरे के पूरक हैं।यह दौरा न सिर्फ द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देगा, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति में दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा। राजदूत अजार ने कहा कि जब भारत और इजरायल साथ आते हैं तो वह सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं होती, बल्कि यह विश्वास, तकनीक और साझा चुनौतियों की समझ पर आधारित साझेदारी होती है।

ये भी पढ़ें :  इजरायल-हमास युद्ध को लेकर बड़ी खबर, इजरायली हमले में मारा गया हमास का नया चीफ याह्या सिनवार

राजदूत अजारने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेंगे। मौजूदा सुरक्षा समझौतों को अपडेट किया जाएगा ताकि संवेदनशील परियोजनाओं पर मिलकर काम किया जा सके। भारत और इजरायल वर्षों से रक्षा क्षेत्र में सहयोग कर रहे हैं। अब बदलती वैश्विक परिस्थितियों और खतरों को देखते हुए दोनों देश नई तकनीकी साझेदारी पर ध्यान देंगे।AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े समझौते होने की उम्मीद है। दोनों देशों ने हाल ही में द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर किए हैं और इस साल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में काम हो रहा है। इजरायल चाहता है कि भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां वहां निवेश करें। वित्तीय सहयोग को भी आसान बनाने पर जोर रहेगा।

ये भी पढ़ें :  अमेरिका में चुनावी रण में 36 उम्मीदवार भी दिखा रहे दम, भारतवंशियों का दबदबा

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment