राजस्थान में मौसम का महा-अलर्ट, ओलावृष्टि से सरसों और जीरे की फसलें तबाह, 2 अप्रैल से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम

जयपुर
राजस्थान के किसानों को मौसम की जबरदस्त मार झेलनी पड़ रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश में सरसों, जीरा और ईसबगोल की फसल में भारी खराबा देखने को मिला है।  मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार राजस्थान में मौसम का बदला हुआ मिजाज बुधवार एक अप्रेल को भी जारी रहने की संभावना है। विभाग ने आज दो जिलों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं।

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मौसम विभाग ने चेतावनी दी
2 अप्रैल से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मंगलवार को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है।

पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर और टोंक समेत 10 से अधिक जिलों में दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। सुबह साफ आसमान रहने के बाद दिन चढ़ने के साथ बादल छा गए और कई जगह बारिश दर्ज की गई। हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर के कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे। जयपुर के आसपास भी दोपहर बाद बादल छाने के साथ हल्की बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान क्रमशः 37.9 और 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से 4 अप्रैल तक प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

 

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