किसानों को मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, खरीफ सत्र के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी को दी मंजूरी

 

राधेश्याम मिश्रा, न्यूज राइटर, नई दिल्ली, 18 मई, 2023

नई दिल्ली। किसानों को मोदी सरकार की तरफ से बड़ा तोहफा मिला है। केंद्र सरकार ने खरीफ सत्र के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी को मंजूरी दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कैबिनेट मीटिंग के बाद यह जानकारी दी।

मनसुख मांडविया ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि ‘देश में 325 से 350 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपयोग होता है। 100 से 125 लाख मीट्रिक टन DAP और NPK का उपयोग होता है। 50-60 लाख मीट्रिक टन MOP का इस्तेमाल होता है। किसानों को समय पर खाद मिले इसके लिए मोदी सरकार ने सब्सिडी बढ़ाई ताकि MRP नहीं बढ़े। खरीफ फसलों के लिए सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार खाद की कीमत नहीं बढ़ाएगी। भारत सरकार खरीफ सीजन की फसल के लिए सब्सिडी में 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।’

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आईटी हार्डवेयर स्कीम के लिए PLI 2.0 को मंजूरी

केंद्र सरकार ने इसके साथ ही बुधवार को आईटी हार्डवेयर के लिए कुल 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय खर्च के साथ उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना की दूसरी कड़ी को भी मंजूरी दी। इस आईटी हार्डवेयर पीएलआई योजना-2 के तहत लैपटॉप, टैबलेट, सभी उपकरणों से लैस पर्सनल कंप्यूटर (ऑल इन वन पीसी) सर्वर आदि आएंगे।

⊕कैबिनेट ने केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 17,000 करोड़ रुपये के बजटीय खर्च के साथ आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम की अवधि 6 साल है।’

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‘75,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद’

केंद्रीय मंत्री ने इससे साथ ही कहा कि इस प्रोत्साहन योजना से 3.35 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 2,430 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। इससे सीधे तौर पर 75,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग की सफलता पर प्रकाश डालते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि FY23 में, भारत ने 100 बिलियन डॉलर मूल्य के सामान का उत्पादन किया और रिकॉर्ड 11 बिलियन डॉलर से अधिक के मोबाइल फोन निर्यात किए गए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 42 कंपनियों ने पहले साल में 900 करोड़ रुपये का निवेश करना था। उसकी जगह 1600 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है।

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बता दें कि सरकार ने फरवरी, 2021 में 7,350 करोड़ रुपये के खर्च के साथ आईटी हार्डवेयर के लिए पहली पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी। इसमें लैपटॉप, टैबलेट, सभी उपकरणों से युक्त पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर शामिल हैं।

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