छत्तीसगढ़ के छह नगर पालिका निगमों में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना के लिए 17 जनवरी को होगा एमओयू

 छत्तीसगढ़ के छह नगर पालिका निगमों में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना के लिए 17 जनवरी को होगा एमओयू

नगरीय ठोस अपशिष्ट से होगा बायोगैस का उत्पादन

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में 17 जनवरी को सवेरे 10 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ के छह नगर पालिका निगमों अम्बिकापुर, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, राजनांदगांव और धमतरी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से बायोगैस के उत्पादन हेतु कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए), गेल इंडिया लिमिटेड (गेल) एवं भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के मध्य त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री अरूण साव भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

ये भी पढ़ें :  बीजापुर में माओवादियों के नापाक मंसूबों को जवानों ने किया नाकाम, डिफ्यूज किए 5 नग IED

नगर पालिका निगम अम्बिकापुर, रायगढ़ और कोरबा में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना के लिए संबंधित नगर पालिका, सीबीडीए एवं गेल इंडिया लिमिटेड तथा नगर पालिका निगम बिलासपुर, धमतरी और राजनांदगांव में संयंत्र की स्थापना के लिए संबंधित नगर पालिका, सीबीडीए, भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के मध्य त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

ये भी पढ़ें :  प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना बनी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी

इन नगर पालिका निगमों में लगभग 350 मीट्रिक टन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं लगभग 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास का उपयोग कर प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। इन संयंत्रों की स्थापना के लिए 600 करोड़ रूपए का निवेश गेल एवं बीपीसीएल द्वारा किया जाएगा। संयंत्र की स्थापना से राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित होगा। इन संयंत्रों में सह उत्पाद के रूप में निर्मित होने वाली जैविक खाद से राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रीन हाऊस गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा पर्यावरण स्वच्छ होगा।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment