MP बोर्ड परीक्षा: दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग पर्यवेक्षक, लेखक पर रखेंगे विशेष निगरानी

भोपाल
मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षा में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए लेखक की व्यवस्था होगी और उनपर नजर रखने के लिए दो पर्यवेक्षक भी अलग से रखे जाएंगे। इसके अलावा लेखक की शैक्षणिक योग्यता विद्यार्थियों से कम होना चाहिए। जिस स्कूल का परीक्षार्थी हो,उस संस्था का लेखक नही होना चाहिए। इसके लिए मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिव्यांग विद्यार्थियों को लेखक सहित अन्य सुविधाओं की मांग के लिए 15 जनवरी तक मंडल को स्कूल के प्राचार्य जानकारी भेजेंगे। लेखक की शैक्षणिक योग्यता विद्यार्थियों से कम होना चाहिए। जिस स्कूल का परीक्षार्थी हो, उस संस्था का लेखक नही होना चाहिए। इसके बाद लेखक के नाम परिवर्तित नहीं किया जाएगा। विशेष परिस्थिति में ही केंद्राध्यक्ष यदि आवश्यक समझें तो लेखक बदलने की अनुमति देकर इसकी सूचना मंडल मुख्यालय को भेजना होगा।
 
परीक्षार्थी व लेखक के बैठने के लिए केंद्राध्यक्ष अलग व्यवस्था करें, ताकि अन्य परीक्षार्थी को कोई परेशानी न हो। दो अलग पर्यवेक्षकों की व्यवस्था की जाएगी,जो यह देखेंगे कि लेखक वही लिख रहा है जो परीक्षार्थी बोलता है। साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए जिन स्कूलों में रैंप होगा। उसी स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।

ये भी पढ़ें :  इटारसी से नागपुर तक नई रेल लाइन का तोहफा, 37 स्टेशन और 415 पुल बनेंगे

प्रायोगिक परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होंगी
दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर उनका मूल्यांकन करते हुए अंक प्रदान करना है। बाह्य मूल्यांकनकर्ता द्वारा उनके प्रश्न तैयार किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को कंप्यूटर,टाइप राइटर के अलावा अतिरिक्त समय भी मिलेगा। इन्हें प्रति घंटा 20 मिनट के हिसाब से एक घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा।

ये भी पढ़ें :  लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राहत, हाई कोर्ट से 18 साल बाद न्याय मिला

दिव्यांग की श्रेणी में ये होंगे शामिल
दिव्यांग की श्रेणी में दृष्टिहीन, कम दृष्टि, मानसिक विकलांग एवं हाथ की हड्डी टूट जाने या हाथ की खराबी के कारण लिखने में असमर्थ विद्यार्थियों को लेखक चयन, विषय चयन, अतिरिक्त समय, कंप्यूटर या टाइप रायटर चयन की सुविधाएं प्रदान किए जाएंगे। साथ ही लेप्रोसी से पीड़ित मरीज,एसिड अटैक पीड़ित,सेरिब्रल पालिसी,श्रवण बाधित, पार्किंसन से पीड़ित व मानसिक रूप से बीमार सहित करीब 22 प्रकार की गंभीर बीमारियों को दिव्यांग की श्रेणी में रखा गया है।

ये भी पढ़ें :  देशज समारोह में हुई बुंदेलखंड जनपद के लोकगीतो की प्रस्तुति

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए परीक्षा में लेखक का नाम प्रस्तावित करने के लिए 15 जनवरी तक का समय दिया गया है। इन विद्यार्थियों के लिए केद्रों पर अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं

Share

Leave a Comment