बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लापरवाही भारी पड़ी: नियम तोड़ने पर 17 चालक और गाइडों को नोटिस

बांधवगढ़

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली जोन में सफारी के दौरान नियमों की अनदेखी करना 17 वाहन चालकों और गाइडों को महंगा पड़ गया। पर्यटन अधिकारी ने सभी संबंधित चालकों और गाइडों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। कार्रवाई तब हुई जब सफारी के दौरान पर्यटकों को वाहन से नीचे उतरकर मोबाइल फोन का उपयोग करते देखा गया और कई वाहनों की गति निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। 

टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लागू है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण की शांति और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद खितौली जोन में नियमों की खुली अनदेखी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, कुछ पर्यटक वाहन से उतरकर मोबाइल का उपयोग कर रहे थे, जबकि संबंधित चालक और गाइड उन्हें रोकने में असफल रहे। साथ ही जंगल क्षेत्र में तेज रफ्तार से वाहन चलाने की शिकायतें भी दर्ज की गईं।

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वन विभाग का कहना है कि टाइगर रिजर्व में हर नियम वन्यजीवों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। तेज रफ्तार वाहन या अनियंत्रित गतिविधियां न केवल जानवरों को परेशान करती हैं, बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ाती हैं। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करना चालक और गाइड दोनों की जिम्मेदारी है।

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जिन्हें नोटिस जारी किया गया है उनमें राम भगत यादव, राम सहाय यादव, प्रियांजू सिंह, नरेश सिंह, प्रवीण यादव, अंशुमन शाह, उत्तम सिंह, पवन साहू, विश्वजीत सिंह, महेश सिंह, शुयष केशरी, संजय गुप्ता, विनोद यादव, सूरज यादव, संजीव यादव और कार्तिकेय सिंह जैसे वाहन चालक शामिल हैं। इनके साथ देवराज सिंह, सोमेल सिंह, विजय सिंह, अनिल साहू, नंदलाल सिंह, रामावतार यादव, निखिल सिंह, अजय सिंह, अर्जन सिंह, पुष्पांजलि साहू, अजय कुमार गुप्ता, लवकेश सिंह, बसंतलाल यादव, राम कृपाल सिंह और काशी यादव जैसे गाइडों को भी नोटिस दिया गया है।

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प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक न मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बांधवगढ़ की पहचान उसके अनुशासन और संरक्षण व्यवस्था से है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

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