नेतन्याहू ने कहा उन्होंने कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीजफायर को ग्रीन सिग्नल दे दिया

तेल अवीव

अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम हो गया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल ने लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को कमजोर कर उसे दशकों पीछे धकेल दिया है.

नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीजफायर को ग्रीन सिग्नल दे दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान और हमास समर्थित हिजबुल्लाह मौजूदा समय में बहुत कमजोर हो चुका है.

नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह ने आठ अक्तूबर को लेबनान से हम पर हमला करने का सोचा. एक साल बाद हिज्बुल्लाह अब वह पुराना हिजबुल्लाह नहीं रह गया है. हमने उसे दशकों पीछे धकेल दिया है. हमने हसन नसरल्लाह सहित उसके कई बड़े लीडर्स को मार गिराया है. हमने उनके हजारों आतंकियों को मार गिराया है और उनकी सुरंगों को तबाह कर दिया है, जिन्हें दोबारा तैयार करने में उन्हें सालों लगेंगे.

ये भी पढ़ें :  छत्तीसगढ़ : ईडी की छापेमारी के विरोध में ईडी कार्यालय का कांग्रेस करेगी घेराव

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में हमने शतरंज की चाल पलट दी है. हम पर सात मोर्चों से हमला किया गया लेकिन हम डटकर लड़े. हम मिडिल ईस्ट का चेहरा बदल रहे हैं.

बता दें कि इस सीजफायर के तहत इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से अपने सैनिकों को वापस बुलाएगी और लेबनान की सेना इस क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती करेगी. इसके साथ ही हिजबुल्लाह लिटानी नदी से सटे इलाकों से अपने लड़ाकों को हटाएगी.

ये भी पढ़ें :  महाराष्ट्र में बंधक बनाए 17 मजदूरों को बुरहानपुर पुलिस ने मुक्त कराया

क्या हैं सीजफायर की शर्तें

सीजफायर समझौते के तहत इजरायली सैनिकों को दक्षिण लेबनान से वापस जाना होगा और लेबनान की सेना को इस क्षेत्र में तैनात करना होगा. इसके साथ ही हिज्बुल्लाह लिटानी नदी के दक्षिण में सीमा पर अपनी सशस्त्र मौजूदगी भी खत्म कर देगा. लेबनान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि लेबनान की सेना इजरायली सैनिकों के वापस जाने पर दक्षिणी लेबनान में कम से कम 5000 सैनिकों को तैनात करने के लिए तैयार है.

ये भी पढ़ें :  खालिस्तान की राजनीति पड़ी भारी? जिस आग को हवा दी, अब उसी में घिरता दिख रहा कनाडा

नेतन्याहू का कहना है कि युद्धविराम की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि लेबनान में क्या होता है. अगर हिज्बुल्लाह समझौते का उल्लंघन करता है और खुद को हथियारबंद करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे, अगर वह सीमा के पास आतंकवादी बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे. अगर वह रॉकेट लॉन्च करता है, अगर वह सुरंग खोदता है, अगर वह रॉकेट ले जाने वाला ट्रक लाता है, तो हम हमला करेंगे.

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment