यूपी के स्कूलों में 16 जून से नया सत्र, लागू होगी ‘निपुण तालिका’ व्यवस्था

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में इस समय गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। 20 मई से स्कूल बंद हैं और 15 जून तक बंद रहेंगे। 16 जून को सत्र का पहला दिन होगा। इस दिन स्कूलों में छात्र-छात्राओं का स्वागत तो होगा ही, नए शैक्षिक सत्र से परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित आकलन करने के लिए निपुण तालिका तैयार करना अनिवार्य कर दिया गया है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत लागू की जा रही यह व्यवस्था बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ये भी पढ़ें :  निलंबित DSP ऋषिकांत शुक्ला के बेटे की शाही शादी: कानपुर के 200 करोड़ के रिसॉर्ट में IPS और नेता भी हुए शामिल

निपुण तालिका के माध्यम से शिक्षकों को प्रत्येक छात्र की सीखने की प्रगति का रिकॉर्ड तैयार करना होगा। इसमें पढ़ना, लिखना, समझना तथा गणितीय दक्षताओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन से छात्र निर्धारित दक्षताओं को प्राप्त कर चुके हैं और किन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है। इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अभिभावक अपने बच्चों की वास्तविक शैक्षणिक प्रगति को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इस व्यवस्था में परीक्षा परिणामों के बजाय बच्चों द्वारा अर्जित दक्षताओं के आधार पर प्रगति का आकलन किया जाएगा।

ये भी पढ़ें :  ‘I Love India & Rahul Gandhi’ पोस्टर से मचा बवाल, लिखा- नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान

27 दिनों का दिया गया है ग्रीष्मकालीन अवकाश
इस साल प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में 20 मई से 15 जून तक के लिए ही विद्यालय बंद रखे गए हैं। इस तरह इस बार छात्रों को कुल 27 दिन ग्रीष्मकालीन अवकाश मिले हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन्स और आधिकारिक आदेश के मुताबिक 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद 16 जून 2026 से सभी स्कूल दोबारा खोल दिए जाएंगे। इस दिन से बच्चे पहले की तरह नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में लौटेंगे। स्कूलों को इस शेड्यूल के हिसाब से तैयारी करने का आदेश दिया है। नए सत्र के लिए स्कूल परिसरों को पहले से साफ-सुथरा और व्यवस्थित कर लिया जाएगा। सत्र के पहले दिन हमेशा की तरह विद्यालय में विद्यार्थियों का स्वागत किया जाएगा।

ये भी पढ़ें :  सेना पर टिप्पणी विवाद: 8 साल बाद आज़म ख़ान बरी, MP-MLA कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

क्या बोले बेसिक शिक्षा अधिकारी
गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि निपुण तालिका के प्रभावी क्रियान्वयन से प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर शिक्षक कमजोर छात्रों की पहचान कर उन पर विशेष ध्यान दे सकेंगे।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment