GST अपीलेट ट्रिब्यूनल का शुभारंभ, निर्मला सीतारमण ने कहा – अब विवादों का समाधान होगा तेज़

नई दिल्ली 

देशभर में जीएसटी विवादों के निपटारे के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलीय अधिकरण (GSTAT) का औपचारिक शुभारंभ नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया. इसके साथ ही करदाताओं को अब एक स्वतंत्र और विशेष मंच मिल गया है, जहां वे अपनी अपील प्रस्तुत कर सकेंगे.

जीएसटी विवाद निपटारे के लिए समर्पित मंच
जीएसटीएटी की स्थापना से करदाताओं को एकसमान, पारदर्शी और सुलभ अपीलीय प्रक्रिया उपलब्ध होगी. यह संस्था जीएसटी अपीलीय प्राधिकरणों के आदेशों के खिलाफ अंतिम अपील सुनने का काम करेगी. जीएसटीएटी का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा, जबकि देशभर में 45 स्थानों पर 31 राज्य स्तरीय पीठें (बेंच) स्थापित की जाएंगी, ताकि करदाताओं को दूर-दराज़ से आकर अपील दायर न करनी पड़े.

ये भी पढ़ें :  देश को खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का मिशन, बजट में निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान

स्पष्ट भाषा और डिजिटल सुविधा पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कार्यक्रम में कहा कि जीएसटीएटी का फोकस स्पष्टता और दक्षता पर रहेगा. फैसले आसान और सरल भाषा में लिखे जाएंगे, फाइलिंग की प्रक्रिया डिजिटल-फर्स्ट होगी और सुनवाई तेज़ी से पूरी की जाएगी. साथ ही ‘ई-कोर्ट्स पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है, जिससे अपीलों को ऑनलाइन दायर और ट्रैक किया जा सकेगा.

उन्होंने कहा, “जीएसटी विवादों का समयबद्ध समाधान एमएसएमई और निर्यातकों के लिए नकदी प्रवाह को आसान बनाएगा. सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है और जीएसटी को सरलता और Ease of Living के सिद्धांतों पर लगातार विकसित किया जाएगा.”

‘वन नेशन, वन फोरम’ की ओर कदम
सीतारमण ने बताया कि जीएसटीएटी वास्तव में 2017 में शुरू हुए “वन नेशन, वन टैक्स, वन मार्केट” को आगे बढ़ाते हुए “वन नेशन, वन फोरम फॉर फेयरनेस एंड सर्टेनिटी” की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि यह न केवल कारोबार करने की आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देगा बल्कि न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा.

ये भी पढ़ें :  दिल्ली पहुँचने से पहले पुतिन का बड़ा सरप्राइज! मोदी सरकार के साथ फाइनल हुई मेगा डिफेंस डील, दुश्मनों में खलबली

संरचना और कार्यप्रणाली
हर बेंच में दो न्यायिक सदस्य और दो तकनीकी सदस्य होंगे—एक केंद्र से और एक राज्य से. इस तरह प्रत्येक अपील में कानूनी और प्रशासनिक दृष्टिकोण का संतुलन बना रहेगा.

नेताओं और विशेषज्ञों की राय
इस मौके पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, “जीएसटी अपीलीय अधिकरण से हम हर करदाता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि आपकी अपील सुनी जाएगी, आपके अधिकार सुरक्षित रहेंगे और न्याय में देरी नहीं होगी. जीएसटी अब केवल गुड एंड सिंपल टैक्स ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष और भरोसेमंद कर प्रणाली बनेगा.”

ये भी पढ़ें :  Uttar pradesh: राष्ट्रपति मुर्मू ने मेधावियों को मेडल से किया सम्मानित

जीएसटीएटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अधिकरण लंबित अपीलों के बोझ को कम करेगा और भविष्य के विवादों के लिए न्यायिक व्याख्या तय करेगा. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग की सराहना की और विश्वास जताया कि यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा.

जीएसटीएटी क्यों ज़रूरी?
जीएसटीएटी एक सांविधिक निकाय है जो जीएसटी कानूनों के अंतर्गत गठित किया गया है. यह करदाताओं को कर विवादों के समाधान के लिए स्वतंत्र और अंतिम मंच प्रदान करेगा. इसका उद्देश्य न केवल विवाद निपटाना है, बल्कि कारोबारियों और नागरिकों के लिए समय पर, सरल और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित करना भी है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment