अब ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, सभी झंझट होंगे खत्‍म!

नई दिल्ली

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. प्राइवेट सेक्‍टर्स के कर्मचारियों को रिटायमेंट फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी देने वाला ये सिस्‍टम जल्‍द ही एक बड़े बदलाव के साथ आ सकता है. यह एक ऐसा बदलाव हो सकता है, जो कर्मचारियों की बड़ी परेशानी को खत्‍म कर देगा. दरअसल, खबर आई है कि सरकार EPFO के तहत एक ऐसे सिस्‍टम पर काम कर रही है, जिससे कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के सब्‍सक्राइबर्स पैसों की जरूरत पड़ने पर ATM के जरिए डेबिट कार्ड का उपयोग करते हुए PF का पैसा निकाल सकते हैं.

एटीएम से पैसा निकालने की लिमिट भी तय की जाएगी, ताकि आपकी रिटायरमेंट पर भी फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी बनी रहे और इमरजेंसी पर लिक्विडिटी भी रहे. कहा जा रहा है कि यह पहल सरकार की महत्वाकांक्षी EPFO ​​3.0 योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सेवाओं का आधुनिकीकरण करना और ग्राहकों को उनकी बचत पर अधिक कंट्रोल देना है.

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ज्‍यादा कंट्रीब्‍यूशन पर भी हो रही चर्चा
एटीएम निकासी के साथ-साथ, श्रम मंत्रालय कर्मचारी योगदान पर 12% की सीमा को हटाने पर विचार कर रहा है, जिससे कर्मचारी अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप अधिक सेविंग कर सकेंगे. रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि सब्सक्राइबर्स को जल्द ही किसी भी समय मौजूदा सीमा से ज़्यादा राशि जमा करने की सुविधा मिल सकती है. जबकि नियोक्ता का योगदान स्थिरता के लिए सैलरी बेस्‍ड रहेगा, कर्मचारियों को अपने अकाउंट्स में पैसे जमा करने की आज़ादी मिल सकती है, जिससे बिना किसी प्रतिबंध के उनकी सेविंग बढ़ सकती है.

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EPS को लेकर भी हो रहा सुधार
इसके अतिरिक्त, सरकार कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) में सुधार पर काम कर रही है. वर्तमान में, नियोक्ता के योगदान का 8.33% EPS-95 को आवंटित किया जाता है. प्रस्तावित परिवर्तनों से कर्मचारियों को सीधे योजना में योगदान करने की अनुमति मिल सकती है, जिससे उन्हें अपने पेंशन लाभ को बढ़ाने में मदद मिलेगी.

कब से हो सकता है बड़ा बदलाव?
EPFO सिस्‍टम में सीमित पहुंच और लचीलेपन के बारे में लंबे समय से चली आ रही चिंताओं से निपटने के लिए, इन उपायों का उद्देश्य लॉन्‍ग टर्म फाइनेंशियल सिक्‍योरिटी के साथ तत्काल तरलता आवश्यकताओं को संतुलित करना है. EPFO 3.0 सुधारों की आधिकारिक घोषणा 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है, जो भारत के कार्यबल द्वारा अपनी सेविंग के मैनेजमेंट और उपयोग के तरीके में एक परिवर्तनकारी बदलाव कर सकता है.

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गौरतलब है कि अभी ईपीएफओ प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट फंड जमा करता है. पीएफ अकाउंट के तहत कर्मचारी और नियोक्‍ता दोनों की तरफ से सैलरी का 12 फीसदी कंट्रीब्‍यूशन दिया जाता है. फिर सरकार की तरफ से इसपर सालाना ब्‍याज दिया जाता है.

 

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