पाकिस्तान ने फ़िलिस्तीन में सैनिक भेजने का किया ऐलान, गाजा सहायता के बाद अब नई रणनीति?

 इस्लामाबाद

गाजा में इजरायली हमलों को लेकर चिंतित रहने वाला पाकिस्तान अब वहां अपने सैनिक भेजेगा। पाकिस्तान की सरकार ने गाजा में बड़े पैमाने पर मदद भेजी थी। इसके अलावा इस्लामिक संगठनों ने गली-गली से चंदा और सहायता सामग्री जुटाई थी। अब पाकिस्तान की ओर से वहां सेना भेजने की भी तैयारी है, जो इंटरनेशनल स्टैबिलाइजेशन फोर्स का हिस्सा होगी। फिलहाल सरकार इसे लेकर विचार कर रही है। फिलहाल पाकिस्तान की सेना और सरकार के बीच इसे लेकर चर्चा चल रही है। फिलहाल खबर यही है कि पाकिस्तान की सरकार चाहती है कि हमारी सेना गाजा स्टेबिलाइजेशन फोर्स का हिस्सा बने।

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गाजा जाने वाली फोर्स में ज्यादातर सैनिक मुस्लिम बहुल देशों के ही रहेंगे। इस फोर्स की जिम्मेदारी होगी कि आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखे। इसके अलावा यह भी तय किया जाए कि हमास निरस्त्रीकरण हो। वहीं बॉर्डर क्रॉसिंग की सुरक्षा और मानवीय सहायता को लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा गाजा में तमाम इमारतों को दोबारा से बनाने करने की तैयारी है। इनकी निगरानी भी स्टेबिलाइजेशन फोर्स करेगी। अहम बात यह है कि अमेरिकी प्रशासन ने अपने सैनिकों को गाजा भेजने से इनकार किया है। फिलहाल अमेरिका की सलाह पर इंडोनेशिया, यूएई, मिस्र, कतर, तुर्की और अजरबैजान की ओर से सेनाएं भेजी जा रही हैं।

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हालांकि इजरायल ने तुर्की के इस फोर्स में शामिल होने पर ऐतराज जताया है। इजरायल का कहना है कि यह सीधे तौर पर हमारे खिलाफ खड़े होना और चैलेंज करना है। रविवार को तो बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा ही था कि हम तय करेंगे कि किन देशों को गाजा में जाने की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने तुर्की के सुरक्षा बलों की भूमिका का विरोध करने की बात भी कही थी। ऐसे में देखना होगा कि तुर्की और पाकिस्तान जैसे देशों की ओर से गाजा में सेना भेजे जाने पर इजरायल का क्या रिएक्शन रहता है।

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पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर इसमें काफी दिलचस्पी ले रहे हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान इस बहाने इस्लामिक दुनिया में खुद को एक मजबूत मुल्क के तौर पर स्थापित करना चाहता है। सालों से पाकिस्तान इस्लामिक मुद्दों पर आक्रामक रहा है और गाजा एवं कश्मीर के मसले को यही रंग देने की उसकी कोशिश रही है।

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