महाराष्ट्र में कांग्रेस-बीजेपी गठबंधन टूटने के कुछ घंटे बाद हुआ एक्शन, किरकिरी के बाद राजनीतिक हलचल

 मुंबई

महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में हुआ बीजेपी-कांग्रेस का गठबंधन कुछ ही वक्त में टूट गया है. बुधवार को इससे जुड़ी खबर सामने आई थी, जिसके बाद दोनों ही पार्टियों की किरकिरी हो रही थी. अब कांग्रेस ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. दूसरी तरफ सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी इसपर आपत्ति जताई थी.

बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की पार्टी का खेल बिगाड़ने के लिए दोनों दल साथ आए थे. लेकिन ये समीकरण ज्यादा नहीं टिक पाया.अब कांग्रेस ने अंबरनाथ के ब्लॉक अध्यक्ष को सस्पेंड किया है. बीजेपी के साथ स्थानीय स्तर पर अलायंस करने के लिए उनपर एक्शन हुआ है.

ये भी पढ़ें :  विष्णुदेव साय होंगे छत्तीसगढ़ के अगले CM : चार बार के सांसद और तीन बार विधायक के साथ रह चुके हैं केंद्रीय मंत्री, शांत और सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं साय, पढ़ें विष्णुदेव साय का पूरा सफर

सीएम फडणवीस ने लगाई थी फटकार

कांग्रेस के एक्शन से पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने के आरोप में भाजपा नेताओं की कड़ी आलोचना की और कार्रवाई की चेतावनी दी थी. उन्होंने साफ किया था कि इस तरह के गठबंधन पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी के बिना किए गए हैं और संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन करते हैं.

फडणवीस ने कहा था, 'मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं कि कांग्रेस या AIMIM के साथ किसी भी तरह का गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा. अगर किसी स्थानीय नेता ने ऐसा फैसला अपनी मर्जी से लिया है, तो यह अनुशासन के विरुद्ध है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने आगे कहा कि ऐसे गठबंधनों को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं.

ये भी पढ़ें :  बरेली : बंदूक की नोंक पर छात्र का अपहरण, फिरौती में 10 लाख की मांग, पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा

अंबरनाथ नगर परिषद का समीकरण

अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 59 पार्षद हैं. यहां 20 दिसंबर 2025 में चुनाव हुए थे. फिर 21 को नतीजे आए. एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनी. उसने 27 सीटें जीतीं (बहुमत से सिर्फ 4 कम).

वहीं, अन्य पार्टियों में बीजेपी (15), कांग्रेस (12), NCP (अजित पवार गुट) (4) को कुल 31 सीट मिली.

दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बीजेपी ने शिवसेना (शिंदे) को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस से गठबंधन किया. इस गठबंधन को ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ नाम दिया गया, जिसके पास 31 पार्षदों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े 30 से एक अधिक है.

ये भी पढ़ें :  पांढुर्णा जिला संगठन में जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर प्रक्रिया संपन्न, केंद्रीय नेतृत्व करेगा अंतिम फैसला

अंबरनाथ में कांग्रेस-बीजेपी गठबंधन को लेकर शिवसेना (शिंदे) के नेताओं में नाराजगी थी. शिवसेना (शिंदे) के विधायक डॉक्टर बालाजी किनीकर ने इसे शिवसेना के साथ विश्वासघात बताया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाली बीजेपी का अंबरनाथ की सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करना शिवसेना (शिंदे) की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment