राजस्थान-बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व को मिला नया राजा, बाघ की शिफ्टिंग से बढ़ेगी रौनक

बूंदी.

बूंदी जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एक नर बाघ के रूप में नया राजा मिल गया है। सरिस्का टाइगर रिजर्व से बाहर निकले टाइगर 2303 को रविवार शाम हरियाणा में झाबुआ के जंगल से ट्रेंकुलाइज कर उसे रामगढ़ टाइगर रिजर्व में शिफ्ट कर दिया गया है।
बता दें कि यह नर बाघ करीब तीन साल का युवा और काफी हष्ट-पुष्ट बाघ है। उम्मीद है कि आने वाले समय में रामगढ़ में यह बाघ कुनबा बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-बूंदी का भगवा रंग में नजर आएगा राजकीय महाविद्यालय, चयनित 20 कॉलेजों में होंगे बदलाव

पूर्व में रणथंभौर से खुद चलकर आया बाघ आरवीटी 1 मौजूद है। अब हरियाणा के झाबुआ से एक और बाघ आने से टाइगर रिजर्व में दो नर, एक मादा और दो मादा बाघिन हो गई है। शीघ्र ही मादा बाघिन भी शिफ्ट होने की संभावना है। शुरू में बाघ को शॉफ्ट एनक्लोजर में रखा जाएगा। सरिस्का टाइगर रिजर्व का बाघ टी 2305 एक साल से टेरिटरी की तलाश में भटक रहा था। यह बाघ दो बार सरिस्का से बाहर निकल चुका था और वन विभाग के लिए इसकी मॉनिटरिंग चुनौती बनी हुई थी। कई बार इसे ट्रेंकुलाइज करने के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली।

ये भी पढ़ें :  राजस्थान-पशु परिचर भर्ती परीक्षा में कड़ी जांच के बाद एंट्री, 38160 परिक्षार्थी देंगे परीक्षा

पहली बार रामगढ में ट्रेंकुलाइज कर लाया गया नर बाघ
राज्य के चौथे एवं तेजी से उभरते रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पहली बार एक नर बाघ को ट्रेंकुलाइज कर शॉफ्ट एनक्लोजर में रिलीज किया गया। इससे पूर्व अब तक यहां नर बाघ खुद चलकर आते रहे हैं। इससे पहले यहां दो मादा बाघिन छोड़ी गई थी। नए बाघ को आरवीटी 4 के रूप में पहचाना जाएगा और उम्मीद है कि इसे जल्दी ही खुले जंगल मे छोड़ दिया जाएगा। एक बाघिन दूसरे राज्य से लाने की भी वन विभाग तैयारी कर रहा है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment