अमेरिका में गरीबों के लिए राहत! एसएनएपी कटौती पर सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पक्ष में दिया फैसला

नई दिल्ली
अमेरिका में अब तक का सबसे लंबा सरकारी शटडाउन जारी है। शटडाउन की वजह से कर्मचारियों के वेतन, हवाई सेवा समेत अन्य चीजों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सप्लीमेंट न्यूट्रिशन असिस्टेंट प्रोग्राम (एसएनएपी) में कटौती के फैसले को अस्थायी तौर से मंजूरी दी है। ट्रंप सरकार ने अमेरिका में रहने वाले गरीबों को मिलने वाले भोजन की आधी राशि रोक दी। हालांकि, निचली अदालत ने इस रोक को हटाकर तुरंत फंड जारी करने का आदेश दिया था, जिसके बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ अपना रुख किया। निचली अदालत ने प्रशासन को शुक्रवार तक पूरा एसएनएपी भुगतान जारी करने का आदेश दिया था। इस मामले में फैसला सुनाते हुए एससी की जज के. ब्राउन ने कहा कि यह आदेश केवल तब तक ही लागू रहेगा, जब तक निचली अदालत इस मामले में अपना फैसला नहीं सुना देती है। तब तक सरकार के पास स्थिति को संभालने का वक्त है।

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इस मामले में आखिरी फैसला फर्स्ट सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स की तरफ से दिया जाएगा। सर्किट कोर्ट का जो भी आदेश होगा, उसे ट्रंप सरकार को स्वीकार करना पड़ेगा। विस्कॉन्सिन, ओरेगन, हवाई, कैलिफोर्निया, कंसास, न्यू जर्सी, पेंसिल्वेनिया और वाशिंगटन सहित कई राज्यों के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रभावी होने से पहले ही पूर्ण लाभ जारी करना शुरू कर दिया था। एसएनएपी अमेरिका में गरीब लोगों के लिए चलाया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत लगभग आठ में से एक अमेरिकी, जो कि निम्न-आय वाले परिवार हैं, को मदद मिलती है। एसएनएपी अमेरिका का सबसे बड़ा खाद्य सहायता कार्यक्रम है, जो करीब 42 मिलियन लोगों को भोजन खरीदने में मदद करता है। इन लाभार्थियों में अधिकतर लोग गरीबी रेखा पर या उससे नीचे जीवन यापन करते हैं।

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विस्कॉन्सिन में अदालत के आदेश के तुरंत बाद 337,000 परिवारों को 104 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि उपलब्ध करा दी गई। ओरेगन के गवर्नर ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए रात भर काम किया कि परिवारों को शुक्रवार तक खाना मिल सके।

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