राजस्थान में ‘समाधान साथी’ लॉन्च,अब व्हाट्सएप पर मिलेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी

जयपुर

राजस्थान में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में ‘समाधान साथी' व्हाट्सएप चैटबॉट शुरू किया गया है, जिसके जरिए अब आमजन और छात्र सिर्फ एक मैसेज भेजकर सरकारी योजनाओं और आवेदन से जुड़ी जानकारी तुरंत हासिल कर सकेंगे. सरकार का कहना है कि यह पहल सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

पेंशन और स्कॉलरशिप के लिए नहीं लगाना होगा दफ्तर का चक्कर
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि अब पेंशन, स्कॉलरशिप और अन्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. आमजन 7690080055 नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए मैसेज कर कहीं से भी, कभी भी योजना, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और स्टेटस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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सरकार के अनुसार यह सुविधा खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है. जहां पहले जानकारी तक पहुंच एक बड़ी चुनौती थी, वहीं अब ‘समाधान साथी' ने सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के मोबाइल तक पहुंचा दिया है.

चैटबॉट केवल जानकारी नहीं सहायता प्रणाली की तरह काम करता
यह चैटबॉट सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण डिजिटल सहायता प्रणाली के रूप में काम करता है. स्कॉलरशिप से जुड़ी पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन की अंतिम तिथि और आवेदन की स्थिति जैसी जानकारी के साथ-साथ यह आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस भी देता है. इससे आवेदन में होने वाली सामान्य गलतियों को भी कम किया जा सकता है.

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पेंशनधारकों के लिए भी यह प्लेटफॉर्म बेहद फायदेमंद है. वे आसानी से पेंशन भुगतान की स्थिति, पात्रता और अन्य जरूरी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं. इस तरह यह चैटबॉट छात्रवृत्ति और पेंशन जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है.

हिंदी और इंग्लिश दोनों में जानकारी
‘समाधान साथी' की एक खासियत इसकी द्विभाषी सुविधा है, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों में जानकारी उपलब्ध है. साथ ही यह विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, जिससे इसकी पहुंच और व्यापक हो गई है.

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सरकार का दावा है कि यह पहल पारंपरिक सरकारी कार्यप्रणाली को बदलते हुए एक सक्रिय और जवाबदेह मॉडल की ओर ले जा रही है. ‘नागरिक-प्रथम' शासन की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है.

कुल मिलाकर ‘समाधान साथी' सिर्फ एक चैटबॉट नहीं, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण का नया माध्यम बनकर सामने आया है, जो यह संदेश देता है कि अब सरकारी समाधान वास्तव में “सिर्फ एक मैसेज दूर” है.

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