केरल
केरल विधानसभा चुनाव से पहले तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर की मुख्यमंत्री उम्मीदवारी को लेकर अटकलें तेज हो गईं हैं। हालांकि, उन्होंने इससे इनकार कर दिया है और कहा है कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वह व्यक्तिगत रूप से चुनाव से पहले संभावित मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान करने के पक्षधर हैं।
पीटीआई भाषा से बातचीत में थरूर ने कहा कि चूंकि वे इस बार उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए उन्हें किसी एक विशेष निर्वाचन क्षेत्र की चिंता करने की जरूरत नहीं है और राज्य के चुनावों में उनकी भूमिका एक मिक्स्ड बैग या मिली-जुली है। उन्होंने आगे कहा कि वे चुनाव प्रचार के लिए राज्य के 'चप्पे-चप्पे और हर कोने' में जाने के लिए उत्सुक हैं।
अपनी सीएम उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने कहा, 'नहीं, और बिल्कुल नहीं हूं, और इसके पीछे कई अच्छे कारण हैं, जिनमें से एक यह भी है कि मैं चुनाव में उम्मीदवार नहीं हूं। मेरा मानना है कि आदर्श रूप से मुख्यमंत्री का चयन चुने हुए विधायकों में से ही किया जाना चाहिए।'
कितनी सीटों का है लक्ष्य
थरूर ने कहा कि वह 85 से 100 सीटें यानी कांग्रेस की बहुमत आने पर खुश हो जाएंगे। केरल में खुल 140 विधानसभा सीटें हैं। उन्होंने कहा कि UDF या यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट खासतौर से लेफ्ट गठबंधन को गुगली डाल रहा है, क्योंकि 'वो मुश्किल पिच पर खेल रहे हैं और हम उन्हें वहां हरा सकते हैं।'
थरूर से पूछा गया कि क्या चुनाव प्रचार में कोई निश्चित चेहरा न होने से कांग्रेस की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। इसपर उन्होंने कहा व्यक्तिगत रूप से मैं आपकी बात से सहमत हूं कि हम उस रास्ते (चेहरा घोषित करने) पर जा सकते थे, लेकिन जैसा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझे बताया, कांग्रेस ने पहले कभी ऐसा नहीं किया है।
उम्मीदवारों के नाम के ऐलान की तैयारी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन ने गुरुवार को कहा कि राज्य में आगामी चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के चयन से जुड़े सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। सतीशन ने नई दिल्ली में सुबह संवाददाताओं से कहा कि पार्टी जिन शेष 40 सीट पर चुनाव लड़ रही है, उनके लिए उम्मीदवारों के नाम की सूची दिन में घोषित कर दी जाएगी। कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को 55 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी।
केरल चुनाव
आयोग ने रविवार को घोषणा की कि नौ अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान होगा जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। मतों की गिनती के लिए 4 मई की तारीख निर्धारित की गई है।


