प्रदेश सरकार किसानों के हित में निरंतर कर रही कार्य : ऊर्जा मंत्री तोमर

प्रदेश सरकार किसानों के हित में निरंतर कर रही कार्य : ऊर्जा मंत्री तोमर

म.प्र. नियामक आयोग द्वारा टैरिफ आदेश जारी

भोपाल 

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि म.प्र. सरकार प्रदेश के किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। जैसे कि अटल कृषि ज्योति योजना के तहत 10 हॉर्स पावर तक के कृषि उपभोक्ताओं के बिलों पर म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी विद्युत दरों पर सब्सिडी स्वीकृत की जाती है, जिसके अनुसार उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि नियामक आयोग द्वारा जारी दरों की मात्र लगभग 7 प्रतिशत राशि ही जमा करना होती है जबकि म.प्र. सरकार कृषि उपभोक्ताओं के बिलों का लगभग 93 प्रतिशत राशि सब्सिडी के रूप में वहन करती है।

इसके अतिरिक्त राज्य शासन की अटल गृह ज्योति योजना के तहत 150 यूनिट प्रति माह तक मासिक खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट पर मात्र 100 रूपये एवं अतिरिक्त 50 यूनिट पर वास्तविक दर से भुगतान करने का प्रावधान है। अतः घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक के बिल पर पूर्व के भांति अटल गृह ज्योति योजना के तहत मात्र 100 रुपये का ही भुगतान करना होगा जबकि 100 यूनिट खपत पर शहर के प्रत्येक घरेलू उपभोक्ताओं की तरफ से शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में लगभग 600 रूपये वहन किये जायेंगे। इस प्रकार के घरेलू उपभोक्ता जिनको सरकार सब्सिडी प्रदान कर रही है उनकी संख्या पूरे प्रदेश में लगभग एक करोड़ है, जबकि प्रदेश में कुल लगभग 38 लाख कृषि उपभोक्ता हैं जो सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा लगभग 25 हजार 800 करोड़ सब्सिडी के रूप में वहन किये जा रहे है।

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उल्लेखनीय है कि आयोग के निर्देश पर एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा प्रत्येक माह एफ.पी.पी.ए.एस. (Fuel & Power Purchase Adjustment Surcharge) की दरें जारी की जाती है। विगत माह में यह दर (Minus) -1.71 प्रतिशत थी, जो कि इस माह में (Minus) – 0.63 प्रतिशत के आदेश भी जारी किये गये है। यह दरें आयोग द्वारा जारी ऊर्जा प्रभार पर लागू रहेंगी। अतः प्रत्येक उपभोक्ता श्रेणी पर लागू ऊर्जा प्रभार पर 0.63 प्रतिशत की कमी कर उपभोक्ताओं के बिलों की गणना की जायेगी ।

विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के मुख्य बिन्दु

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1. विद्युत दरों में विगत वर्ष में लागू दरों की तुलना में वितरण कंपनियों द्वारा मांगी गयी 10.19 प्रतिशत वृद्धि के विरूद्ध मात्र 4.8 प्रतिशत की औसत दर वृद्धि की गई है।

2. मौसमी उपभोक्ताओं (एच.वी.4) तथा मेट्रो रेल (एच.वी.9): के टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं।

3. उच्च दाब घरेलू (HV-6), उच्च दाब कृषि (HV-5) एवं उच्च दाब मेट्रो श्रेणी के उपभोक्ताओं के न्यूनतम प्रभार समाप्त किये गये। इसके पूर्व विगत वर्षों में निम्न दाब घरेलू, गैर घरेलू, पब्लिक वॉटर वर्कस एवं स्ट्रीट लाईट, निम्न दाब औद्यौगिक, निम्न दाब कृषि एवं उच्च दाब मौसमी (SEASONAL) श्रेणी के उपभोक्ताओं पर न्यूनतम प्रभार समाप्त किये जा चुके हैं।

4. विगत वर्ष की भांति उपभोक्ताओं को मीटर रेट अथवा मीटरिंग चार्ज नहीं लगेंगे।

5. 10 किलो वॉट तक भार वाले ऐसे सभी उपभोक्ताओं, जहां स्मार्ट मीटर स्थापित हैं, को सौर घंटों (प्रातः 09:00 बजे से सायं 05:00 बजे) के मध्य उपयोग की गयी बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी जारी रहेगी। इन उपभोक्ताओं को शीर्ष मांग अवधि में कोई भी सरचार्ज देय नहीं रहेगा।

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6. उच्च दाब उपभोक्ताओं जिन पर टीओडी दरें लागू हैं, पर रात्रिकालीन उपभोग (रात्रि 10 बजे में प्रातः 6 बजे तक) की छूट यथावत।

7. जो उपभोक्ता पर्यावरण के लिये जागरुक हैं और केवल रिन्यूएबल एनर्जी से ही बिजली जलाना चाहते हैं, वह 0.30/- रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त भुगतान कर ग्रीन एनर्जी से बिजली उपयोग कर सकते हैं। इन दरों में विगत वर्ष की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत की कमी।

8. नवीन तथा चालू उच्च दाब अतिरिक्त उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिये उपलब्ध छूट/प्रोत्साहन की व्यवस्था आंशिक संशोधन के साथ यथावत।

9. उच्च दाब/अति उच्च दाब उपभोक्ताओं को अन्य छूट/प्रोत्साहन की व्यवस्था यथावत जारी रहेगी।

10. प्रीपेड उपभोक्ताओं को छूट प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी।

11. शीघ्र / ऑनलाईन भुगतान के लिए छूट / प्रोत्साहन की व्यवस्था जारी रहेगी।

12. खुली पहुँच (Open Access) उपभोक्ताओं के अतिरिक्त अधिभार में कमी।

13. विद्युत वितरण कंपनियों के लिए शोध एवं विकास (R&D) फंड की व्यवस्था। इससे तकनीकी हस्तक्षेप, संचालन दक्षता में सुधार एवं लागत में बचत का अध्ययन हो सकेगा।

संपूर्ण टैरिफ आदेश आयोग की वेबसाइट www.mperc.in पर उपलब्ध है। 

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