पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में इंदौर के सुशील नाथेनियल की भी मौत, पार्थिव शरीर शाम को पहुंचेगा इंदौर

इंदौर
 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसारन घाटी में मंगलवार दोपहर 2:45 बजे हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की जान चली गई। इस भीषण हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियल की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी आकांक्षा नथानियल गोली लगने से घायल हो गई हैं।
घूमने गया था परिवार परिवार

परिवार हाल ही में कश्मीर घूमने गया था। सुशील, जो अलीराजपुर जिले में एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे, अपने बेटे आस्टन, बेटी आकांक्षा और पत्नी जेनिफर के साथ चार दिन पहले ही कश्मीर पहुंचे थे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) अमित सिंह ने उनकी मौत की पुष्टि की है।
आखिरी क्षणों में दिखाया साहस

सुशील के छोटे भाई विकास नथानियल ने बताया कि हमलावरों ने पहले सुशील को घुटनों पर बैठाया और उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब उन्होंने अपना धर्म ईसाई बताया, तो आतंकियों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया। हमले के दौरान सुशील ने अपनी पत्नी को छिपा दिया और खुद सामने आकर आतंकियों का सामना किया।

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बेटी को पैर में लगी है गोली

आकांक्षा को पैर में गोली लगी है, जबकि जेनिफर भागते समय गिरने से घायल हुईं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पत्नी का जन्मदिन मनाने पहुंचा था परिवार

परिवार मूल रूप से अलीराजपुर के जोबट का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में इंदौर के एमआर-10 क्षेत्र के वीणा नगर में निवास कर रहा था। सुशील नथानियल अपनी पत्नी जेनिफर का जन्मदिन मनाने अपने 21 वर्षीय बेटे और 30 वर्षीय बेटी के साथ पहलगाम गए थे। जेनिफर खातीपुरा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और आकांक्षा सूरत स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत हैं। बेटा आस्टन और जेनिफर फिलहाल सुरक्षित हैं।

इंदौर की दो महिलाएं घायल

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहर की दो महिलाएं बाल-बाल बचीं। एक महिला तो भगदड़ में घायल भी हो गई। दूसरी महिला गोलियों की आवाज और पर्यटकों के शव देखने के बाद अवसाद में चली गईं। उनका उपचार चल रहा है। सेना ने इंदौर पुलिस को सूची साझा करते हुए कहा कि महिलाओं का नाम जेनिफर और आकांक्षा है। उनके सामने ही आतंकवादियों ने गोलियां चलाईं।

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पास से निकल गई गोलियां

अंधाधुंध फायरिंग के बाद महिलाएं भागी थीं। एक महिला भागने के दौरान गिरकर घायल हो गई। एक महिला के पास से गोलियां निकल गईं। वह सदमे में है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून) अमित सिंह ने इसकी पुष्टि की है। हमारे महू प्रतिनिधि के अनुसार किशनगंज क्षेत्र के निवासी सुमित शर्मा भी जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे। घटना के आधा घंटे पहले ही वे घाटी से नीचे आ गए थे।

जेनिफर-आकांक्षा अस्पताल में भर्ती सेना ने इंदौर पुलिस को पहलगाम हमले के मृतकों और घायलों की लिस्ट भेजी है। इसके आधार पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) अमित सिंह ने बताया- अंकिता को पैर में गोली लगी है जबकि जेनिफर भागते समय गिरने से घायल हुई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हमारे निकलने के 15 मिनट बाद ही हमला

जिस जगह आतंकी हमला हुआ, वहां मध्य प्रदेश के महू के किशनगंज में रहने वाले होटल और प्रॉपर्टी कारोबारी सुमित शर्मा भी परिवार के साथ मौजूद थे। वे 15 मिनट पहले ही परिवार के साथ वहां से निकले थे।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की निंदा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की है। उन्होंने दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला कायराना और अमानवीय कृत्य है। इसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है।

टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी

मंगलवार को हुए इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े टीआरएफ ने ली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने एक पर्यटक से नाम पूछकर उसे सिर में गोली मारी और फिर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए फरार हो गए। मृतकों में इटली और इजराइल के एक-एक नागरिक के साथ दो स्थानीय लोग शामिल हैं। अन्य मृतक पर्यटक मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा से हैं।

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