किराये के सिविल विवाद में SC/ST एक्ट लागू नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

प्रयागराज  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर से जुड़े एक मामले में दाखिल क्रिमिनल अपील पर सुनवाई करते हुए ये साफ किया है कि मूल रूप से दीवानी (Civil) प्रकृति के विवादों को आपसी खुन्नस निकालने के लिए ‘आपराधिक रंग' नहीं दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि आपराधिक कार्यवाही का उपयोग किसी को प्रताड़ित करने या व्यक्तिगत रंजिश के तहत दबाव बनाने के माध्यम के रूप में करना कानून की प्रक्रिया का स्पष्ट दुरुपयोग है. कोर्ट ने माना कि दीवानी या किरायेदारी के विवाद को आपराधिक रूप देकर SC/ST एक्ट के…

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25 साल पुराने अपहरण केस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, बोला- कब तक मिलती रहेगी तारीख पर तारीख?

लखनऊ एक शख्स पर 25 साल पहले युवती के अपहरण का आरोप लगा था. आज दोनों पति पत्नी हैं और उनके तीन बच्चे हैं. लेकिन किडनैपिंग का वह ढाई दशक पुराना केस अब भी चल रहा है. यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को पहुंचा तो अदालत ने हैरानी जताई और कहा कि 'तारीख पर तारीख' वाला जुमला अदालत के कामकाज की पहचान नहीं बन सकता. मामला यह था कि आरोपी और पीड़िता ने शादी कर ली थी और अब उनके तीन बच्चे हैं. सभी लोग खुशी से जीवनयापन…

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तलाक बिना दूसरे पुरुष संग रहने वाली महिला पत्नी का दर्जा नहीं: हाईकोर्ट

 प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण पोषण के एक मामले में स्पष्ट किया है कि कोई महिला अपने पहले पति से तलाक लिए बिना और उसके जीवित रहते हुए किसी अन्य पुरुष के साथ रहने लगती है तो वह कानूनन विवाहित पत्नी का दर्जा नहीं पा सकती। ऐसी स्थिति में वह पुरुष से भरण पोषण प्राप्त करने की हकदार नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि माता-पिता के इस रिश्ते से पैदा हुई संतान (चाहे वैध हो या नाजायज) को अपने पिता से भरण पोषण पाने का पूरा कानूनी व…

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इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक्स को फटकार, कहा- भारतीय कानून से बच नहीं सकते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

लखनऊ  इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) के सहयोग न करने के रवैये पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि बहुराष्ट्रीय डिजिटल मंच भारतीय कानून और जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेही से बच नहीं सकते। स्पष्ट किया कि भारतीय कानून का दायरा इतना व्यापक है कि वह किसी भी उल्लंघन तक पहुंच सकता है और दोषियों को न्याय के कटघरे में ला सकता है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने साइबर अपराध के एक…

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हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: एडहॉक सेवा भी पेंशन में जुड़ेगी, शिक्षकों को राहत

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तदर्थ (एडहॉक) सेवा अवधि को पेंशन और अन्य सेवा लाभों की गणना में शामिल करने के मामले में शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने कानपुर के उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) द्वारा छह मई 2026 को पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ताओं को तदर्थ सेवाओं का लाभ देने से इनकार किया गया था। हाई कोर्ट के इस निर्णय से प्रभावित शिक्षकों को सीधा लाभ होगा। उन्हें हाई कोर्ट के इस निर्णय का फायदा पेंशन में मिलेगा। रमेश सिंह…

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: उच्च शिक्षित और कमाने में सक्षम पत्नी को भरण-पोषण का अधिकार नहीं

प्रायगराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में स्पष्ट किया कि यदि पत्नी उच्च शिक्षित है, अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से पर्याप्त आय अर्जित करने में सक्षम है तो वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने डॉ. गरिमा दुबे की ओर से दायर एक अपील को खारिज करते हुए दिया। प्रयागराज की डॉ. गरिमा दुबे स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और उनके पति न्यूरोसर्जन हैं। उन्होंने ट्रायल कोर्ट में बच्चों और स्वयं के लिए भरण-पोषण की मांग करते हुए याचिका…

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इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘रिश्ते टूटने पर दुष्कर्म के आरोप, पुराने कानूनों में फंस रहे पुरुष’

इलाहाबाद  इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) और दुष्कर्म कानूनों को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पश्चिमी विचारधारा के प्रभाव में युवाओं के बीच बिना विवाह किए साथ रहने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। जब ऐसे संबंध समाप्त होते हैं, तो कई मामलों में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करा दी जाती है। पुराने कानूनों में फंस रहे पुरुष: कोर्ट न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा (प्रथम) की बेंच ने कहा कि चूंकि कानून महिलाओं के…

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यूपी में झूठी FIR दर्ज कराने वालों पर चलेगा मुकदमा, गवाह भी नहीं बचेंगे, HC ने DGP को दिए सख्त निर्देश

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने झूठी एफआईआर दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता ही नहीं, बल्कि उनके गवाहों के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने आदेश दिया है कि यदि किसी मामले की विवेचना के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि कोई अपराध बनता ही नहीं है और अंतिम/क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाती है, तो विवेचना अधिकारी को शिकायतकर्ता…

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बरेली हिंसा: विवादित नारा लगाने वाले आरोपी की जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की

 प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल बेंच ने बरेली दंगे के आरोपी रेहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. याचिकाकर्ता पर 'आई लव मोहम्मद' जुलूस के दौरान विवादित नारे लगाने का आरोप है. कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के बाद आरोपी ने राहत के लिए याचिका दायर की थी.  कोर्ट ने अपने 9 पेज के फैसले में नारे को भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा माना है. यह मामला लोगों को सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाने और कानून के शासन को…

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का विवादित फैसला: लड़की के स्तन पकड़ना रेप का प्रयास नहीं, SC ने जताई नाराजगी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि यौन हमलों से जुड़े मामलों में असंवेदनशील न्यायिक टिप्पणियों का पीड़िता, उनके परिवार और बड़े पैमाने पर समाज पर ‘डरावना असर’ पड़ सकता है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणियों पर लगाम लगाने के लिए उच्च न्यायालयों और जिला अदालतों के लिए दिशा-निर्देश बनाने पर विचार कर सकता है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ स्वत: संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। फैसले में कहा गया था कि नाबालिग लड़की के स्तनों को पकड़ना,…

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संभल मस्जिद विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज की

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले की गौसुलवरा मस्जिद पर चल रहे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ मस्जिद कमिटी द्वारा दायर की गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इंकार कर दिया है. संभल की गौसुलवरा मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की थी. प्रशासन की तरफ से मस्जिद कमिटी पर आरोप है कि यह मस्जिद तालाब की जमीन पर बनाई गई है. ‘पहले ट्रायल कोर्ट में अपील करिए’ कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ध्वस्तीकरण पर रोक के लिए याची को…

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स्कूल विलय के खिलाफ दायर जनहित याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच से भी खारिज

लखनऊ   इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के तहत आने वाले स्कूलों के विलय को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति एआर मसूदी व न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की खंडपीठ ने गुरवार को ज्योति राजपूत की याचिका पर यह फैसला दिया है। याचिका पर राज्य सरकार ने भी आपत्ति जताकर अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने कहा कि इस विषय पर सात जुलाई को एकल पीठ ने निर्णय दिया था, जिसमें विलय के उक्त आदेश के विरुद्ध दाखिल याचिकाओं को खारिज…

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वेश्या के साथ पकड़े जाना देह व्यापार नहीं, कोर्ट ने स्पा सेंटर में महिला के साथ मिले आरोपी को दी राहत

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आरोपी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट में शुरू हुई कार्यवाही को रद्द कर दिया। कार्यवाही रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि वेश्या के साथ रंगरलियां मनाना मानव तस्करी और देह व्यापार नहीं है। गाजियाबाद के रहने वाले विपुल कोहली की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कार्यवाही रद्द कर दी। मामला दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र का है। गाजियाबाद जिले में एलोरा थाई स्पा सेंटर में पुलिस ने 20 मई 2024…

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल की जामा मस्जिद में रंगाई-पुताई को दी मंजूरी

संभल उत्तर प्रदेश के संभल की विवादित शाही जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रंगो-रोगन की मंजूरी दे दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले से मुस्लिम पक्ष यानी कि जामा मस्जिद कमेटी को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने एएसआई को एक हफ्ते के भीतर मस्जिद की रंगाई-पुताई कराने का आदेश दिया है. हालांकि इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि है रंगाई-पुताई केवलस मस्जिद के बाहरी हिस्सों में होगी. दरअसल, मस्जिद कमेटी ने भी…

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इन रिश्तों को समाजिक स्वीकृति नहीं

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इन रिश्तों को समाजिक स्वीकृति नहीं है, फिर भी युवाओं में इनकी ओर आकर्षण बढ़ रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह समय है जब समाज को एक ऐसा ढांचा ढूंढने की जरूरत है, जिससे समाज में नैतिक मूल्यों को बचाया जा सके। न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि हम एक बदलते समाज में रहते हैं, जहां युवा पीढ़ी के परिवार, समाज और कार्यस्थल में सामान्य आचरण और नैतिक मूल्य तेजी…

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