धार धार की भोजशाला में इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग शांति के साथ बीत गया। पिछले चौबीस साल में जब भी यह खास मौका आया, तब धार में हालात काफी चुनौतीपूर्ण रहे। इतिहास के पन्नों को देखें तो चार बार ऐसे मौके आए जब प्रशासन को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े और उनमें से तीन बार तो शहर को पथराव और कर्फ्यू जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा,लेकिन इस साल शहरवासियों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली क्योंकि पूजा और नमाज दोनों ही बिना…
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माघ मेले में बसंत पंचमी स्नान कल, जानें शुभ मुहूर्त और समय
हर साल माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन बसंत पंचमी का पर्व मानाया जाता है. ये पर्व ज्ञान, वाणी और बुद्धि की देवी माता सरस्वती को समर्पित किया गया है. मान्यता है कि माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन ही माता सरस्वती प्रकट हुईं थीं. बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा-अराधना बहुत फलदायी मानी गई है. साल 2026 में कल बसंत पंचमी मनाई जाएगी. माघ मेले में हर साल बसंत पंचमी का शुभ स्नान किया जाता है. बसंत पंचमी के…
Read Moreसरस्वती पूजा 2026: 23 या 24 जनवरी—कब है बसंत पंचमी? जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और ज्ञान-विद्या का पर्व है, जो माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती विद्या, बुद्धि, कला, संगीत और वाणी की देवी हैं। बसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनकर, पीले फूल चढ़ाकर और पीले प्रसाद से पूजा करने से बुद्धि तेज होती है, परीक्षा में सफलता मिलती है और जीवन में ज्ञान की प्राप्ति होती है। साल 2026 में बसंत पंचमी को लेकर थोड़ा असमंजस है कि 23…
Read Moreघर पर मां सरस्वती की पूजा कैसे करें? सामग्री, शुभ मुहूर्त और नियमों की पूरी जानकारी
बसंत पंचमी का पावन पर्व हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. यह दिन मां सरस्वती के प्राकट्य से जुड़ा माना जाता है, जिन्हें विद्या, बुद्धि, वाणी और विवेक की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर में नियमपूर्वक सरस्वती पूजा करने से ज्ञान में वृद्धि होती है, मानसिक स्पष्टता आती है और अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है. इसलिए बसंत पंचमी पर घरेलू पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में पंचमी तिथि…
Read Moreधार भोजशाला में तनाव रोकने की कवायद, 2016 मॉडल लागू; बसंत पंचमी और नमाज को लेकर कड़ी सुरक्षा
इंदौर धार की भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी और नमाज अदा कराने के दौरान टकराव के हालात न बने, इसके लिए तगड़े पुलिस बल का इंतजाम तो हो चुका है, लेकिन मामले का हल खोजने रहे अफसरों को दस साल पहले यानी 2016 में अपनाए गए फार्मूले पर भरोसा है। तब दोनों समाज आमने-सामने नहीं हुए थे और भोजशाला खाली कराने की जरुरत भी नहीं पड़ी थी। उधर, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की तरफ से भी सांकेतिक पूजा का बयान आना भी बता रहा है कि इस बार भी…
Read Moreबसंत पंचमी पर हर ओर पीला रंग क्यों छाया रहता है? जानिए इसका धार्मिक और सांस्कृतिक रहस्य
भारत त्योहारों का देश माना जाता है. यहां जो भी पर्व मनाए जाते हैं, उसके पीछे कोई न कोई रहस्य अवश्य छिपा होता है. माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन हर साल बंसत पंचमी मनाई जाती है. ये पर्व विद्या और ज्ञान की देवी सरस्वती को समर्पित किया गया है. इस पर्व को ‘श्री पंचमी’ या ‘ज्ञान पंचमी’ के नाम से भी जाना जाता है. ये पर्व बंसत ऋतु के आने का प्रतीक माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से माता सरस्वती का पूजन किया जाता…
Read Moreबसंत पंचमी पर पूजा को लेकर SC में याचिका, भोजशाला में भारी पुलिस बल तैनात
इंदौर उत्तर प्रदेश के ज्ञानवापी की तरह ही मध्य प्रदेश के धार में मौजूद भोजशाल भी विवादों में है. वहीं बसंत पंचमी आते ही मध्य प्रदेश की 800 साल पुरानी भोजशाला की चर्चा शुरू हो जाती है, खासकर बसंत पंचमी अगर शुक्रवार को पड़े तो प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था का खास ख्याल रखना पड़ता है. इसकी वजह है कि भोजशाला को लेकर दो पक्षों के बीच स्वामित्व का विवाद चल रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट में है. शुक्रवार को बसंत पंचमी होने पर सांप्रदायिक तनाव न बने इसे लेकर प्रशासन…
Read Moreबसंत पंचमी से पहले भोजशाला के पास बुलडोजर की कार्रवाई, हिंदू संगठनों ने की पूरे दिन पूजा का अवसर
धार नगर गौरव दिवस और बसंत पंचमी उत्सव (Basant Panchami) को लेकर धार शहर में तैयारियां तेज हो गई है। आयोजन के मद्देनजर हिंदू संगठनों के साथ ही पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे है। 17 जनवरी को शहर में हिंदू संगठनों द्वारा वाहन रैली निकाली जाएगी, जबकि 23 से 26 जनवरी तक नगर गौरव दिवस के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके चलते शहर की गलियों और मुख्य सड़को पर भगवा पताकाएं, स्वागत द्वार और सजावट की गई है, जिससे पूरा शहर आयोजन से पहले…
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