बस्तर. छत्तीसगढ़ के बस्तर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत हो गई है। हरेली अमावस्या के मौके पर बुधवार 12 अगस्त को जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में बस्तर दशहरा की पहली और महत्वपूर्ण रस्म पाट जात्रा विधि-विधान के साथ पूरी की गई। इसी के साथ करीब 75 दिनों तक चलने वाले इस अनोखे पर्व की औपचारिक शुरुआत हो गई है। पाट जात्रा के दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और बस्तर की सदियों…
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बस्तर दशहरा का भव्य समापन, मावली माता की डोली विदाई में उमड़ा जनसैलाब
जगदलपुर 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आज पारंपरिक विधि-विधान से समापन हुआ। अंतिम रस्म के रूप में मावली माता की डोली विदाई का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर के गीदम रोड स्थित जिया डेरा मंदिर में मावली माता की पूजा-अर्चना माटी पुजारी और बस्तर राजपरिवार के सदस्य राजकुमार कमलचंद भंजदेव की मौजूदगी में हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय ग्रामीणों ने गाजे-बाजे और ढोल नगाड़ों की थाप पर माता की डोली को विदाई दी। शहर में निकाली गई विशाल…
Read Moreकेन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया
मोदी जी की ओर से यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवादी बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकार को नहीं रोक पाएँगे केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और समस्त नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं बस्तर का दशहरा, बस्तर ओलंपिक, यहाँ का खानपान, वेशभूषा, कला और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर बल्कि पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र बने हैं बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते…
Read Moreबस्तर दशहरा में मावली परघाव की रस्म सम्पन्न, दंतेश्वरी मंदिर में दो देवियों का धूमधाम से मिलन
जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की महत्वपूर्ण रस्म मावली परघाव देर रात जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में सम्पन्न हुई। दो देवियों के मिलन का यह अद्वितीय आयोजन हर साल की तरह इस वर्ष भी धूमधाम से संपन्न हुआ। हालांकि बारिश ने इस वर्ष कुछ खलल डाला, लेकिन उसके बावजूद यह रस्म भव्यता के साथ निभाई गई। शक्तिपीठ दंतेवाड़ा से माता मावली की डोली और छत्र को परंपरा अनुसार जगदलपुर लाया गया, जहां बस्तर राजपरिवार के सदस्य और हजारों श्रद्धालुओं ने भव्य आतिशबाजी और पुष्पवर्षा से देवी का स्वागत…
Read Moreछत्तीसगढ़ में 77 दिन चला बस्तर का दशहरा, विश्व के सबसे लंबे उत्सव की 800 वर्ष पुरानी परंपरा
बस्तर. बस्तर दशहरा 77 दिन चलने के बाद समाप्त हो गया है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा उत्सव माना जाना है और इस दशहरे की परंपरा 800 साल पुरानी है। कल बस्तर दशहरा के तत्वाधान में बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला के अवसर पर लालबाग मैदान में शानदार आयोजन हुआ। यहां दायरा बैंड ने अपने गीत “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” की प्रस्तुति से पूरे दर्शक वर्ग को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड की मधुर धुनों और स्थानीयता की झलक ने लोगों के दिलों को छू लिया और बस्तर…
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