भोपाल AIIMS भोपाल देश का पहला ऐसा अस्पताल बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मरीजों और उनके परिजनों को खुद सही रास्ता बताएगा। रोजाना यहां 10 हजार से अधिक लोग इलाज, जांच और परामर्श के लिए आते हैं। बड़े और एक जैसे दिखने वाले भवनों के कारण लोगों को अक्सर सही विभाग ढूंढने में दिक्कत होती है। अब इस समस्या का समाधान AI आधारित नेविगेशन सिस्टम से किया जाएगा। QR कोड स्कैन करते ही मिलेगा रास्ता एम्स भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन के…
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MP को मिली बड़ी सौगात, भोपाल में बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा ट्रामा सेंटर, रोबोटिक सर्जरी से होगा इलाज
भोपाल एम्स भोपाल में करीब एक हजार करोड़ रुपये के विस्तार की योजना को लेकर सोमवार को दिल्ली में भारत सरकार की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की बैठक हुई। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव को विस्तार का पूरा प्लान सौंपा। इस महायोजना के तहत एम्स परिसर में ही हेलीपैड बनाया जाएगा, जिससे एयर एम्बुलेंस का संचालन सुलभ हो सकेगा। कैंसर अस्पताल और ट्रामा सेंटर का निर्माण सांसद शर्मा ने बताया कि एम्स में 200 बेड का अत्याधुनिक अपेक्स आन्कोलॉजी सेंटर (कैंसर अस्पताल) बनाया जाएगा।…
Read MoreAIIMS Bhopal को मिलेंगी गामा नाइफ और पेट स्कैन जैसी हाईटेक सुविधाएं, मरीजों को मिलेगा फायदा
भोपाल. नए साल 2026 का आगाज मध्य प्रदेश के मरीजों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सौगातें लेकर आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल इस वर्ष अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक विस्तार करने जा रहा है। संस्थान ने वर्ष 2026 के लिए जो रोडमैप तैयार किया है, उससे गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर और ट्यूमर के इलाज के लिए मरीजों को अब दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। एम्स प्रबंधन का पूरा फोकस इस वर्ष डायग्नोस्टिक सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने व क्रिटिकल केयर की क्षमता बढ़ाने पर…
Read Moreरीवा की 6 साल की बच्ची का लिवर फेल, एयर एंबुलेंस ने तुरंत भोपाल AIIMS पहुंचाया
रीवा विंध्य क्षेत्र में शुरू की गई एयर एंबुलेंस सेवा लगातार जिंदगियां बचाने में अहम अपनी भूमिका निभा रही है. हाली ही में रीवा से एक बार फिर एयर एंबुलेंस ने समय रहते एक मासूम की जान बचाने का काम किया है. मऊगंज निवासी 6 साल की बच्ची गंभीर लीवर फेल्योर की समस्या से पीड़ित थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. बच्ची को तत्काल उच्च स्तरीय इलाज की आवश्यकता थी, जिसके बाद स्थानीय डॉक्टरों ने उसे भोपाल एम्स रेफर कर दिया. इसके बाद बच्चे के लिए पीएम…
Read Moreभोपाल AIIMS में डॉ. रश्मि आत्महत्या प्रयास, डॉ. यूनुस को HOD पद से हटाया, हाई डोज एनेस्थीसिया से 7 मिनट तक बंद रहा दिल
भोपाल राजधानी भोपाल में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में संस्थान में हड़कंप मचाकर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई लेवल कमेटी गठित की गई है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। साथ ही, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) डॉ. यूनुस को उनके पद से हटा दिया गया है। आपको बता दें कि, ये हैरान कर देने वाली घटना 11 दिसंबर की रात की है। यहां डॉ.…
Read Moreभोपाल AIIMS में 250 रुपये में चमत्कार: गर्भनाल से लौटाई 13 मरीजों की आंखों की रोशनी
भोपाल गर्भनाल, गर्भस्थ शिशु के लिए रक्षा कवच का काम करता है. जबकि शिशु का जन्म होने के बाद इस कवच को वेस्टेज समझ के फेंक दिया जाता था, लेकिन एम्स भोपाल के डाक्टर अब इस इस गर्भनाल की झिल्लियों से आंखे खो चुके मरीजों के जीवन में फिर से रोशनी लाने का काम कर रहे हैं. दीपावली के दौरान कार्बाइड गन से घायल 13 लोग आंखों का इलाज कराने के लिए एम्स भोपाल पहुंचे थे. जहां डाक्टरों ने एमनियोटिक मेम्ब्रेन यानि गर्भनाल की झिल्लियों का उपयोग कर उनकी आंखों…
Read Moreभोपाल AIIMS में हाईटेक जांच सुविधा शुरू, अब 230 से ज्यादा बीमारियों की एक मशीन से जांच
भोपाल एम्स भोपाल में अब मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल के जैव रसायन विभाग में कोबास प्रो एडवांस्ड इंटीग्रेटेड क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री एनालाइज़र के जरिए जांच प्रक्रिया को और ज्यादा आधुनिक व तेज बना दिया गया है। यह मशीन प्रति घंटे 2,000 से अधिक टेस्ट करने की क्षमता रखती है, जिससे बड़ी संख्या में मरीजों को समय पर और सटीक रिपोर्ट मिल सकेगी। लगभग 3 करोड़ की लागत वाली यह मशीन मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार स्थापित की गई है। यह…
Read Moreभोपाल एम्स में 22 करोड़ के नए कार्डियक सेटअप से हार्ट मरीजों को बड़ी राहत
भोपाल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के हार्ट पेशेंट का इलाज पहले से आधुनिक और त्वरित होने वाला है। हृदय रोगियों, गर्भ में बच्चों का हृदय दोष और ऑपरेशन के लिए 6 एडवांस मशीनें आने वाली है। करीब 22 करोड़ रुपए की लागत से एम्स में एक नया कार्डियक सेटअप तैयार किया जाएगा। साथ ही हाई-टेक बाइप्लेन कार्डियक कैथलैब लगाई जाएगी। इस व्यवस्था से इलाज के लिए ज्यादा समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का तत्काल इलाज मिल पाएगा। एम्स के उपसंचालक संदेश जैन…
Read Moreभोपाल एम्स का नया एक्सपेरीमेंट खून की एक बूंद से भी गंभीर बिमारी का चलेगा पता
भोपाल जब शरीर में संक्रमण का स्तर बहुत ज्यादा हो जाता है, तो मरीज का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर हो जाता है. जब शरीर के सभी अंग प्रभावित होते हैं. तो मरीज की मौत भी हो सकती है. रोग की इसी स्थिति को सेप्सिस कहा जाता है. हालांकि इस दुर्लभ बीमारी सेप्सिस के दौरान मरीज के शरीर में स्थित संक्रमण का जल्द से जल्द पता लगाने की जरुरत होती है. जिससे मरीज की जान बचाई जा सके, लेकिन अब तक कोई ऐसी तकनीकी नहीं थी, जिससे 15 से 20 मिनट…
Read Moreभोपाल एम्स और पतंजलि ने समझौता साइन किया, संयुक्त रूप से फैटी लीवर डिजीज पर रिसर्च होगी
भोपाल भोपाल AIIMS और पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MOU) पर हस्ताक्षर हुए. इस समझौते का उद्देश्य आयुर्वेद, चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है. दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से फैटी लीवर डिजीज और एलर्जी जैसी बीमारियों पर क्लिनिकल रिसर्च करेंगी. पतंजलि की ओर से अनुराग वार्ष्णेय और एम्स की ओर से प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ने संयुक्त रूप से बताया, यह एक सकारात्मक पहल है, जो भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को वैज्ञानिक रूप से स्थापित करने की दिशा में बड़ा…
Read Moreभोपाल एम्स में पहली बार होगा ‘बाल किडनी ट्रांसप्लांट’, 3 बच्चे चिन्हित
भोपाल एम्स में हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद जल्द मध्यप्रदेश का पहला बाल किडनी ट्रांसप्लांट होने जा रहा है। इसके लिए तीन बच्चों को चिन्हित किया गया है। बच्चों का उनके परिजनों के साथ मैचिंग टेस्ट किया जा रहा है। हाल ही में एम्स को बाल किडनी रोग देखभाल के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रियर पुरस्कार मिला है। यह इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी ने बाल किडनी रोग देखभाल में 2018 से 2024 तक कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के साथ सफल साझेदारी के लिए दिया है। जिसे एस भोपाल की ओर से डॉ. गिरीश…
Read MoreBhopal एम्स के डॉक्टर्स ने बिना दिल खोले कर दिया ऑपरेशन, अब हो रही तारीफ
भोपाल 18 वर्ष की उम्र में एक युवक के जीवन में अंधेरा सा छा गया। जरा से काम करने पर ही उसकी सांस फूल जाती थी, हमेशा थकान महसूस होती थी। उसके जीवन पर खतरा मंडरा रहा था। एक उम्मीद लेकर वह भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स पहुंचा, जांच में पता चला कि उसके हृदय के वॉल्व के बाहरी हिस्से में लीकेज हो रहा था। जीवन में उजाला बने डॉक्टर एम्स के डॉक्टर्स उसके जीवन में उम्मीद का उजाला बनकर सामने आए। डॉक्टर्स के अनुसार यह एक दुलर्भ…
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