धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: जंतर-मंतर आंदोलन से बदली भाजपा की रणनीति की कहानी

नई दिल्ली कॉलेज की तख्तियों और लकड़ी की कुर्सियों पर आपने भी तीर की निशान वाला दिल और कई घिसे-पिटे संदेश पढ़े होंगे. उन्हीं में एक पंक्ति अक्सर दिखती थी- "आज (Today) एक उपहार है, इसलिए इसे प्रेजेंट (Present) कहते हैं."  बीजेपी ने ऐसे किसी छोटे शहर के कॉलेज में पढ़ाई नहीं की. लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा की राजनीतिक शिक्षा किसी छोटे शहर के कॉलेज की बेंचों पर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के बाद की धूप, पसीने और कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली…

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