मंदसौर अब सबकुछ ठीक रहा तो साल के अंत में गांधीसागर अभयारण्य में चीते आ जाएंगे। इसके साथ ही देश में कूनो के बाद गांधीसागर अभयारण्य चीतों के दूसरे घर के रूप में पहचाना जाएगा। यहां बड़े घास के मैदान, पानी, कंदराएं सभी कुछ चीतों के लिए मुफीद हैं। अभयारण्य भी उनके स्वागत के लिए तैयार है। अभी चीतों के लिए हिरण, चीतल को यहां लाने का काम भी फिर से शुरू हो गया है। 1250 हिरण-चीतल लाने हैं और अभी तक 434 ही पहुंचे हैं।अभयारण्य में 6400 हेक्टेयर में…
Read MoreTag: Cheetah
कूनो नेशनल पार्क में बड़े बाड़े से दो-दो करके छोड़े जाएंगे चीते
शिवपुरी देश में चीतों की धरती कूनो नेशनल पार्क में अब चीते खुलकर जिएंगे। उन्हें बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़े जाने की स्वीकृति चीता स्टीयरिंग (संचालन) कमेटी से मिल गई है। दो-दो की संख्या में चीतों को छोड़ा जाएगा। इसके बाद स्थिति को देखते हुए अन्य चीतों और शावकों को भी खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। चीतों को छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि चीते समीपस्थ राज्यों में भी स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे। इनके भोजन, सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित…
Read Moreमध्य प्रदेश के कूनो जंगल में अब आजाद होंगे चीते, यूपी और राजस्थान भी जा सकेंगे
श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में रह रहे चीतों के साम्राज्य में अब विस्तार होगा। उन्हें जल्द ही खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद वह मध्य प्रदेश ही नहीं, यूपी और राजस्थान में भी छुट्टा घूमेंगे। वो जब चाहे तब जंगल में खुद से लौंटेगे लेकिन उन्हें ट्रैंकुलाइज नहीं किया जाएगा। यह निर्णय तीन राज्यों के वन विभाग के अधिकारियों की हुई मीटिंग में लिया गया है। एमपी, यूपी और राजस्थान के 27 जिलों में चीते घूम सकेंगे। तीन राज्य के अधिकारियों ने की प्लानिंग कूनो नेशनल पार्क में अभी…
Read Moreकूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी शुरू करने की कोशिशों को फिलहाल झटका लगा
ग्वालियर देश में चीतों की धरती कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी शुरू करने की कोशिशों को फिलहाल झटका लगा है। चीते फिलहाल खुले जंगल में नहीं छोड़े जाएंगे। इसकी बड़ी वजह, हाल ही में हुई चीता पवन की मौत है। कूनो प्रबंधन इसको लेकर चिंतित है। अलबत्ता भारत की धरती पर चीते लाए जाने की दूसरी वर्षगांठ 17 को मनाई जाएगी। सेसईपुरा में इस मौके पर कार्यक्रम होंगे। नामीबिया से भारत लाए गए चीतों को दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं लेकिन वन्यप्राणियों के लिए उनका दीदार अभी…
Read More
