बिना शादी के बच्चे पैदा करने में ये देश सबसे आगे, जानें भारत के पड़ोसी और एशिया का हाल

नईदिल्ली  शादी, परिवार और संतान… जिन्हें कभी समाज की स्थायी नींव माना जाता था, लेकिन बदलते समय में दुनिया के कई हिस्सों में ये अवधारणाएं नए सिरे से परिभाषित हो रही हैं। बदलती जीवनशैली, कानूनी व्यवस्था और सामाजिक स्वीकृति के कारण विवाह के बाहर बच्चों का जन्म कुछ देशों में सामान्य हो चुका है, जबकि कहीं यह अभी भी सामाजिक कलंक बना हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई देशों में विवाह के बाहर बच्चों का जन्म अब आम बात हो गई है। हालांकि एशिया और कुछ अन्य क्षेत्रों में यह…

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दिल्ली में 15 दिनों में 800 बच्चे हुए गायब, जमीन खा गई या आसमान निगल गया? वसीम-ऋतिक के घर में मातम

नई दिल्ली आधी रात का वक्त था, वसीम चैन से सोया था, पर अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण बुराड़ी की गलियों में पहुंची तो वह बिस्तरों से गायब था. दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस की नाक के नीचे महज 15 दिनों में 800 बच्‍चे गायब हो चुके हैं. कहीं संगीत का जुनून पालने वाला वसीम अपना हारमोनियम लेकर अंधेरे में खो गया, तो कहीं JEE की तैयारी कर रहा होनहार ऋतिक एक डांट के बाद सिस्टम की सुस्ती की भेंट चढ़ गया. यह सिर्फ आंकड़ों…

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कल की चुनौतियों का सामना करने के लिये तैयार किया जा रहा है बच्चों को

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह का वक्तव्य भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न-2047 की ओर बढ़ते हुए देश के अनुरूप मध्यप्रदेश को भी विकास की गति दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश के सपने को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में कक्षा-5वीं तक मातृभाषा पर जोर दिया गया है और व्यावसायिक शिक्षा को छात्रों के व्यावहारिक कौशल के हिसाब से बनाया गया है।…

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अहोई अष्टमी पर करें ये दान, संतान के जीवन से दूर होंगे दुख

अहोई अष्टमी का व्रत बहुत विशेष माना जाता है. अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं. महिलाएं हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ये व्रत रखती हैं. साथ ही माता अहोई की विधिवत पूजा करती हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को रखने से महिलाएं अपनी संतान के लिए लंबी आयु और सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं. इस व्रत को रखने से संतान से जुड़ी सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं. अहोई अष्टमी के…

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मध्य प्रदेश में 52 वर्षों में बच्चों की संख्या में 42% की भारी गिरावट: 1971 से 2023 तक का आंकड़ा

भोपाल  मध्य प्रदेश में 14 वर्ष तक के बच्चों की संख्या में तेजी से गिरावट हो रही है. बीते 52 सालों में प्रदेश में बच्चों की जनसंख्या में 42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि बच्चों की संख्या में यह गिरावट अचानक से नहीं है. मध्य प्रदेश में 0-9 साल तक के बच्चों की संख्या में गिरावट का दौर 1971 से चल रहा है. इसका खुलासा सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम स्टेटिकल रिपोर्ट 2023 में हुआ है. साल 1991 के बाद तेजी से कम हो रही संख्या एसआरएस की रिपोर्ट…

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बच्चों की सेहत के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान, घर-घर होगी जांच, लाखों को मिलेगा लाभ

इंदौर  स्वास्थ्य विभाग इंदौर में हाल ही में जन्मे नवजातों से लेकर पिछले 5 साल में पैदा हुए बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु दस्तक अभियान प्रारंभ करने जा रहा है। यह अभियान 22 जुलाई से शुरू होकर 16 सितंबर तक जिलेभर में चलेगा। टीकाकरण अधिकारी के अनुसार, इंदौर जिले में ऐसे बच्चों की संख्या 4 लाख से अधिक है, जिनका इस अभियान के तहत स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। मंगलवार और शुक्रवार को विशेष जांच व्यवस्था जिला टीकाकरण अधिकारी तरुण गुप्ता ने जानकारी दी कि यह अभियान न सिर्फ इंदौर बल्कि…

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छत्तीसगढ़ : धमतरी जिले के गांव कौहाबाहरा में रहने वाली एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया

धमतरी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के गांव कौहाबाहरा में रहने वाली एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। यह जिले में ऐसा पहला केस है, जहां एक साथ चार बच्चों का जन्म हुआ है। धमतरी जिले के निजी अस्पताल उपाध्याय नर्सिंग होम में 15 मार्च को नगरी ब्लॉक के 30 वर्षीय एक महिला प्रसूता ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। चार बच्चों में एक लड़का तो वही तीन लड़कियों को महिला ने जन्म दिया है। जच्चा बच्चा दोनों ही स्वस्थ बताये जा रहे…

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शिवपुरी में गांव वालों ने जो गड्ढे खोदे थे वो ही बन गए बच्चों की मौत का कारण

शिवपुरी. कोलारस के जिस निवोदा गांव में तीन मासूम बच्चों की मौत हुई है, वहां स्थिति यह है कि बंजारों के परिवार गांव से बाहर बस्ती बनाकर रहते हैं। चूंकि यह समाज दीवाली के दौरान गांव में कच्चे घरों की लिपाई-पुताई आदि के लिए गेरू, पोतनी आदि का उपयोग करता है। ऐसे में बंजारा समाज के लोग यह मिट्टी खोद कर गांव-गांव बेचते हैं। इसी के चलते बंजारा समाज के लोगों ने ही गांव के बाहर बने अपने घरों के पीछे यह मिट्टी खोदी थी। मिट्टी खोदने के कारण जो…

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